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केंद्रीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन और सचिव का ट्रांसफर, OSM विवाद की जांच के लिए समिति गठित

केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के चलते चेयरमैन और सचिव का ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही, OSM सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता एस. राधा चौहान करेंगी। शिक्षा मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा एजेंसियों को भी इस मामले पर नजर रखने का निर्देश दिया है। कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई ने इस विवाद की स्वतंत्र जांच की मांग की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आगामी सुनवाई के बारे में।
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केंद्रीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन और सचिव का ट्रांसफर, OSM विवाद की जांच के लिए समिति गठित

दिल्ली में CBSE के OSM विवाद पर बड़ा कदम

दिल्ली: केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने CBSE के चेयरमैन और सचिव का ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही, OSM सेवाओं के ठेके की प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है।


जानकारी के अनुसार, CBSE द्वारा OSM सिस्टम के लिए सेवा खरीद से संबंधित मामलों की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति बनाई गई है।



  • इस समिति की अध्यक्षता एस. राधा चौहान करेंगी, जो कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन हैं।

  • अध्यक्ष को आवश्यकता अनुसार अन्य अधिकारियों की सहायता लेने का अधिकार होगा।

  • कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन समिति को सचिवीय सहायता प्रदान करेगा।

  • समिति एक महीने के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।


वहीं, शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसियां, जैसे कि इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), CBSE OSM रीइवैल्यूएशन पोर्टल पर संभावित साइबर हमलों पर नजर रख रही हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।






कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई ने 12वीं कक्षा के लिए CBSE की 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच का अनुरोध करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।


OSM एक डिजिटल प्रणाली है, जिसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड किया जाता है और परीक्षक उन्हें कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचकर अंक देते हैं।


एनएसयूआई की ओर से दायर जनहित याचिका में छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का ऑफलाइन पुनर्मूल्यांकन और भौतिक सत्यापन करने का अनुरोध किया गया है। कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ आठ जून को मामले की सुनवाई कर सकती है।