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गुजरात में दूषित पानी से हड़कंप: 7 वर्षीय बच्ची की मौत, 100 से अधिक बच्चे अस्पताल में भर्ती

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी पीने से गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो गया है। 7 वर्षीय काजल कनौजिया की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शहर के कई क्षेत्रों में गंदा पानी पीने से बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए हैं, जिनमें 100 से अधिक बच्चे शामिल हैं। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कैंप स्थापित किए हैं और लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। जानें इस संकट के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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गुजरात में दूषित पानी से हड़कंप: 7 वर्षीय बच्ची की मौत, 100 से अधिक बच्चे अस्पताल में भर्ती

गांधीनगर में पानी की समस्या

गांधीनगर: गुजरात की राजधानी में दूषित जल के सेवन से स्थिति गंभीर हो गई है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गंदा पानी पीने के कारण बड़ी संख्या में लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो गए हैं। इस संकट का सबसे दुखद पहलू तब सामने आया जब सोमवार सुबह सिविल अस्पताल में भर्ती 7 वर्षीय काजल कनौजिया की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। बच्ची की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।


काजल की बीमारी की कहानी

15 दिनों से बीमार थी काजल

काजल के माता-पिता ने बताया कि वह पिछले 15 दिनों से बीमार थी। प्रारंभिक जांच में उसे टाइफाइड होने की पुष्टि हुई थी। उसकी स्थिति बिगड़ने पर उसे चार दिन पहले सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज सुबह उसने दम तोड़ दिया। सिविल अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि अस्पताल में अभी भी लगभग 150 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।


प्रभावित क्षेत्र

सेक्टर 24, 26 और 29 में स्थिति गंभीर

गांधीनगर के सेक्टर 24, 26 और 29 में दूषित पानी का सबसे अधिक प्रभाव देखा जा रहा है। निवासियों ने बताया कि नलों से गंदा पानी आ रहा है, जिससे लोग टाइफाइड और अन्य पेट की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों में 100 से अधिक बच्चे शामिल हैं, जिससे अभिभावकों में दहशत का माहौल है।


प्रशासन की कार्रवाई

प्रशासन ने लीकेज ठीक करने का काम शुरू किया

इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने और एक बच्ची की जान जाने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। नगर निगम और जलापूर्ति विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइनों के लीकेज की मरम्मत में जुट गई हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित सेक्टरों में मेडिकल कैंप लगाए हैं और घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लोगों को क्लोरीन की गोलियां वितरित की जा रही हैं और उन्हें पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।