चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों का किया खंडन, कहा- हम निष्पक्ष चुनाव कराते रहेंगे

चुनाव आयोग का स्पष्ट जवाब
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा है कि उन्हें प्रतिदिन धमकियां मिलती हैं, लेकिन इसके बावजूद वे निष्पक्ष चुनाव कराने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे हमेशा पारदर्शिता के साथ कार्य करते रहेंगे। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था और धमकी दी थी कि इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अपने कर्मचारियों को ऐसे बेबुनियाद आरोपों पर ध्यान न देने की सलाह दी है।
चुनाव आयोग ने कहा कि रोजाना नए आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन्हें वे नजरअंदाज करते हैं। धमकियों के बावजूद, सभी चुनावी कर्मी निष्पक्षता से कार्य कर रहे हैं और ऐसे गैरजिम्मेदार बयानों पर ध्यान न देने के लिए कहा गया है।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर उठे सवाल
स्पेशल इंटेसिव रिवीजन बना बवाल का कारण
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के वोटिंग अधिकार को छीनने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट भी जारी की है, जिसमें जिन लोगों का नाम नहीं है, वे एक सितंबर तक आयोग के कैंप में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग पर क्या बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा था कि आयोग में गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने संसद भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वोटों की चोरी हो रही है और चुनाव आयोग भी इसमें शामिल है। उन्होंने धमकी दी कि जो अधिकारी इसमें शामिल हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी के इशारे पर चुनाव अधिकारी देश के खिलाफ काम कर रहे हैं और रिटायर होने पर भी उन्हें नहीं बख्शा जाएगा। इससे पहले भी उन्होंने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के चुनावों में आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए थे।