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जगदीप धनखड़ का राजस्थान दौरा: मजेदार चुटकुले और इस्तीफे का रहस्य

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपने गृह राज्य राजस्थान के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने मजेदार चुटकुले और अपने इस्तीफे के पीछे के रहस्य का खुलासा किया। चूरू में एक कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने दाढ़ी रखने वालों पर चुटकी ली और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की बात की। जानें इस दिलचस्प दौरे की पूरी कहानी और धनखड़ के बेबाक अंदाज के बारे में।
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जगदीप धनखड़ का राजस्थान दौरा: मजेदार चुटकुले और इस्तीफे का रहस्य

जगदीप धनखड़ का चूरू दौरा


नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ वर्तमान में अपने गृह राज्य राजस्थान के दौरे पर हैं। चूरू जिले के सादुलपुर में एक निजी कार्यक्रम में उनकी एक मजेदार वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है, जिसमें उनका चुटीला और बेबाक अंदाज देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने दाढ़ी रखने वालों पर मजाक किया और अपने पिछले साल के अचानक इस्तीफे के पीछे के कारणों का खुलासा किया।


धनखड़ का मजेदार अंदाज

धनखड़ कांग्रेस सांसद राहुल कास्वां के सादुलपुर स्थित निवास पर पहुंचे थे। वहां एक दाढ़ी वाले व्यक्ति ने उनका अभिवादन किया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, 'आजकल दाढ़ी वालों को देखकर डर लगता है।' उन्होंने अपने विशेष कार्य अधिकारी (OSD) का भी जिक्र किया और मजाक में कहा कि उनका ओएसडी भी अपनी दाढ़ी से उन्हें डराता है। धनखड़ का यह हल्का-फुल्का अंदाज वहां उपस्थित लोगों के बीच हंसी का कारण बना और अब यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है।


स्वास्थ्य को प्राथमिकता: धनखड़ का बड़ा बयान

बीमारी नहीं, स्वास्थ्य को दी अहमियत: धनखड़ का बड़ा दावा


धनखड़ ने अपने इस्तीफे के पीछे के रहस्य पर भी प्रकाश डाला। एक अन्य वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी बीमारी के कारण इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मैंने कभी भी अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं बरती। जब मैंने कहा कि मैं पद छोड़ता हूं, तो मैंने यह नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने केवल यह कहा कि मैं अब स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहा हूं।'


इस्तीफे का राजनीतिक विवाद

इस्तीफे और महाभियोग का पुराना विवाद


पिछले साल जुलाई में जब धनखड़ ने अचानक अपना पद छोड़ा, तब आधिकारिक रूप से 'खराब स्वास्थ्य' को कारण बताया गया था। हालांकि, उस समय राजनीतिक हलकों में कई चर्चाएं थीं। विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने यह दावा किया था कि राज्यसभा में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के नोटिस को स्वीकार करना उनके इस्तीफे का असली कारण था। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के 63 सदस्यों वाले हस्ताक्षर अभियान को स्वीकार करने का श्रेय विपक्ष को न मिले, इसी दबाव में धनखड़ को पद छोड़ना पड़ा।