जनगणना 2027 का पहला चरण: 1 अप्रैल से सितंबर तक होगा आयोजन
जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी
Census 2027 Phase 1, नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। इस प्रक्रिया की शुरुआत घरों की लिस्टिंग और डेटा संग्रहण से होगी। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 दिनों के भीतर यह कार्य पूरा करना होगा। इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है।
जनगणना पूरी तरह से डिजिटल तरीके से संचालित होगी, जिसमें लगभग 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे। यह प्रक्रिया पेपरलेस होगी, जिसमें मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर का उपयोग किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब जनगणना में जाति की गिनती शामिल की जाएगी, जो कि 1931 के बाद से नहीं हुई थी। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी द्वारा अप्रैल में लिया गया था। 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की जनसंख्या लगभग 121 करोड़ थी, जिसमें 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं।
सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प
सरकार ने यह भी बताया है कि घरों की लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को खुद से जानकारी भरने का विकल्प दिया जाएगा। दरअसल, जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था, जो अब 2027 में पूरी होगी।
डिजिटल मैपिंग का महत्व
जियो टैगिंग के माध्यम से तैयार किया गया डिजिटल लेआउट मैप आपदा के समय, जैसे बाढ़ या भूकंप, में सहायक होगा। यह राजनीतिक सीमाओं के निर्धारण में भी मदद करेगा। शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और पार्कों की योजना बनाने में भी यह मैप उपयोगी साबित होगा।
इस जनगणना के दस साल बाद होने वाली जनगणना में डिजिटल मैप के परिवर्तनों को आसानी से दर्ज किया जा सकेगा। आधार पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में मदद करेगी। जब मतदाता किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटल रूप से जुड़े होंगे, तो उनके मूल निवास का पता भी सामने आएगा।
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