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जयपुर में गुलाबी हाथी फोटोशूट पर विवाद: फोटोग्राफर की सफाई और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

जयपुर में एक विदेशी फोटोग्राफर द्वारा किए गए गुलाबी हाथी के फोटोशूट ने विवाद खड़ा कर दिया है। जूलिया बुरुलेवा के इस प्रोजेक्ट ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न की हैं, जहां कई यूजर्स ने इसे जानवरों का शोषण बताया है। फोटोग्राफर ने अपनी सफाई में कहा कि रंग ऑर्गेनिक था और जानवर को कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं, वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
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जयपुर में गुलाबी हाथी फोटोशूट पर विवाद: फोटोग्राफर की सफाई और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

जयपुर में विवादास्पद फोटोशूट


जयपुर: एक विदेशी आर्ट फोटोग्राफर के हाथी के गुलाबी रंग में रंगने के फोटोशूट ने जयपुर में विवाद उत्पन्न कर दिया है। जूलिया बुरुलेवा द्वारा किए गए इस फोटोशूट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गईं, जिससे लोगों में गहरी नाराजगी देखने को मिली है।


इन वायरल तस्वीरों में एक मॉडल गुलाबी रंग के हाथी पर बैठकर पोज देती हुई दिखाई दे रही है। यह फोटोशूट भगवान गणेश को समर्पित एक पुरानी मंदिर परिसर में आयोजित किया गया था। फोटोग्राफर ने इसे अपने प्रोजेक्ट के लिए एक आदर्श स्थान बताया और कहा कि राजस्थान में हाथी सांस्कृतिक प्रतीक हैं, इसलिए उन्हें अपने काम में शामिल करना आवश्यक था।



फोटोग्राफर की सफाई

फोटोग्राफर ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?


फोटोग्राफर ने बताया कि इस फोटोशूट की योजना बनाने में उन्होंने कई हफ्ते जयपुर में बिताए। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर जाकर अनुमति प्राप्त की और हाथियों के साथ काम करने के लिए कई जगहों का दौरा किया। उनका कहना है कि हाथी पर इस्तेमाल किया गया रंग ऑर्गेनिक और सुरक्षित था, जिससे जानवर को कोई हानि नहीं हुई।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ

सोशल मीडिया यूजर्स ने क्या दी प्रतिक्रिया?


हालांकि फोटोग्राफर के दावों के बावजूद, सोशल मीडिया पर इस फोटोशूट की तीखी आलोचना हो रही है। कई यूजर्स और पशु प्रेमियों ने इसे जानवरों का शोषण और अमानवीय व्यवहार करार दिया है। उनका कहना है कि किसी जीवित जानवर को इस तरह रंगना और उपयोग करना गलत है।


वैकल्पिक सुझाव

क्या दिए सुझाव?


कई यूजर्स ने सुझाव दिया कि ऐसे विजुअल इफेक्ट के लिए डिजिटल तकनीक या एआई का उपयोग किया जा सकता था, जिससे किसी जानवर को असुविधा नहीं होती। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक भावना से भी जोड़ा और कहा कि भगवान गणेश के संदर्भ में इस तरह का प्रयोग सांस्कृतिक रूप से अनुचित है।


वन विभाग की प्रतिक्रिया

वन विभाग के अधिकारियों ने क्या कहा?


वन्यजीव विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है कि हाथियों की त्वचा संवेदनशील होती है और इस तरह के प्रयोग से उन्हें परेशानी हो सकती है। भले ही रंग ऑर्गेनिक हो, लेकिन पूरे शरीर पर रंग लगाने की प्रक्रिया जानवर के लिए तनावपूर्ण हो सकती है।


इस मामले के बढ़ने के बाद, राजस्थान वन विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारी यह पता लगाएंगे कि इस फोटोशूट के दौरान किसी वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं।