तेज प्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज: मकर संक्रांति पर राजनीतिक एकता का प्रतीक
दही-चूड़ा भोज का आयोजन
तेज प्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज: बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा भोज एक महत्वपूर्ण आयोजन बन गया है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एकत्र होते हैं। इस बार आरजेडी के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और जेजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने मिलकर इस भोज का आयोजन किया है। उन्होंने अपने पिता लालू, मां राबड़ी देवी और भाई तेजस्वी यादव सहित अन्य नेताओं को आमंत्रित किया है।
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने परिवार के सदस्यों से मिलने और उन्हें निमंत्रण देने की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, "आज मैंने अपने पिताजी आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी और माता जी आदरणीय श्रीमती राबड़ी देवी जी से 10 सर्कुलर रोड पर जाकर आशीर्वाद लिया और अपने छोटे भाई तेजस्वी से भी मुलाकात की। मैंने उन्हें 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर होने वाले 'ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज' के लिए निमंत्रण दिया। इसके साथ ही, मैंने अपनी प्यारी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाने का अद्भुत अनुभव भी किया।"
आज अपने पिताजी आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी, माता जी आदरणीय श्रीमती राबड़ी देवी जी से 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचकर मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी से भी भेंट मुलाकात कर कल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर… pic.twitter.com/T2nZ5qz3x6
— तेज प्रताप यादव (@TejYadav14) January 13, 2026
तेज प्रताप ने विभिन्न मंत्रियों और नेताओं को भी इस भोज के लिए आमंत्रित किया, जिनमें समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा कल्याण मंत्री रमा निषाद, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन, उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति नाथ पारस शामिल हैं।
जेजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज के निमंत्रण पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, "सनातन धर्म और हिंदू धर्म भाईचारे का संदेश देते हैं। राजनीति में भी, हमें आपसी तालमेल बनाए रखना चाहिए। राजनीति व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला नहीं होना चाहिए।"
