तेलंगाना में श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि का ऐलान
तेलंगाना सरकार का श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला
तेलंगाना की सरकार ने राज्यभर में श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को बताया कि यह निर्णय उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता में बनी कैबिनेट उप-समिति की सिफारिश पर लिया गया है।
अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी को 12,750 रुपए से बढ़ाकर 16,000 रुपए किया गया है। वहीं, अर्ध-कुशल श्रेणी के लिए इसे 13,152 रुपए से बढ़ाकर 17,000 रुपए कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 13,772 रुपए से बढ़ाकर 18,500 रुपए और अत्यधिक कुशल श्रेणी के लिए 14,607 रुपए से बढ़ाकर 20,000 रुपए करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने मजदूरों को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय 1 जून से लागू होगा और इससे 1.11 करोड़ श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
सीएम ने यह भी कहा कि पिछली सरकार की लापरवाही के कारण श्रमिकों को नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने बताया कि न्यूनतम मजदूरी संरचना को निर्धारित करने के लिए तीन भौगोलिक जोन बनाए गए हैं: नगर निगमों के लिए जोन 1, नगर पालिकाओं के लिए जोन 2 और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जोन 3।
मुख्यमंत्री ने यह दावा किया कि राज्य के गठन के बाद पहली बार श्रमिकों के कल्याण के लिए ऐसा निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने इस दिशा में अपनी जिम्मेदारियों की अनदेखी की।
रेवंत रेड्डी ने युवाओं को सलाह दी कि वे केवल सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) में करियर बनाने या अमेरिका में बसने की मानसिकता से बाहर निकलें।
उन्होंने कहा कि तकनीकी कौशल से युवाओं के लिए जर्मनी, जापान और सिंगापुर जैसे देशों में अवसरों के द्वार खुलते हैं। इसी कारण से राज्य सरकार ने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 'कौशल विश्वविद्यालय' की स्थापना की है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जी. वेंकटस्वामी की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि मजदूर नेता के रूप में उनका नाम सबसे पहले आता है।
उन्होंने श्रम मंत्री विवेक वेंकटस्वामी की सराहना करते हुए कहा कि उनके उत्तराधिकारी के रूप में विवेक ने मजदूर वर्ग के कल्याण के लिए एक सराहनीय निर्णय लिया है।
