दिल्ली-एनसीआर में ऑटो और टैक्सी यूनियनों की हड़ताल से बढ़ी परेशानियाँ
दिल्ली-एनसीआर में हड़ताल का आगाज़
नई दिल्ली: आज दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ऑटो, टैक्सी और परिवहन यूनियनों ने हड़ताल का आयोजन किया है। प्रदर्शनकारी ड्राइवरों ने बढ़ती पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों के साथ-साथ ग्रीन टैक्स में वृद्धि के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध किया है। टैक्सी ड्राइवर किराए में कमी का विरोध करते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उन्होंने किराए में तत्काल वृद्धि की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस हड़ताल के कारण आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
कमाई में गिरावट से चिंतित ड्राइवर
टैक्सी ड्राइवरों ने अपनी घटती आय और कम राइड मिलने पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि ऐप-बेस्ड एग्रीगेटर्स ने हाल के दिनों में किराए की दरें काफी कम कर दी हैं। ड्राइवरों ने बताया कि इंसेंटिव और प्रति किलोमीटर मिलने वाला भुगतान लगभग आधा हो गया है, जिससे उनकी आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। परिवहन यूनियनें अपने विरोध को और मजबूत करने के लिए पूरे शहर में सड़कों को जाम कर सकती हैं।
कैब ऑपरेटर्स का प्रदर्शन
कई कैब ऑपरेटर्स ने 21 से 23 मई तक विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसमें वे उचित किराए और सरकार के हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बढ़ते संचालन खर्च और घटती आय के कारण उनके लिए अपना व्यवसाय चलाना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है। संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में आज कई ट्रक सड़कों से गायब हैं, जबकि यह क्षेत्र आमतौर पर लोडिंग और अनलोडिंग गतिविधियों से भरा रहता है।
दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी
चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने कहा कि यदि सरकार तुरंत टैक्सी किराया नहीं बढ़ाती और एक-दो हफ्ते के भीतर नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तो यह आंदोलन एक बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल जाएगा, जिसके लिए पूरी तरह से दिल्ली सरकार जिम्मेदार होगी।
