दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण और शीतलहर का संकट
वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुँच गया है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा देश के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में शामिल है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद सहित पूरे एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रेड जोन में दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
नोएडा में एक्यूआई की स्थिति
नोएडा में सभी सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में है। सेक्टर-1 में एक्यूआई 359, सेक्टर-125 में 352, सेक्टर-116 में 347 और सेक्टर-62 में 342 रिकॉर्ड किया गया है। यह स्पष्ट है कि नोएडा की हवा लगातार जहरीली बनी हुई है।
दिल्ली का चिंताजनक हाल
दिल्ली की स्थिति भी गंभीर है। कई क्षेत्रों में एक्यूआई 350 से ऊपर पहुँच गया है। चांदनी चौक में 384, अशोक विहार में 376, बवाना में 373, पंजाबी बाग में 386, ओखला फेज-2 में 383 और पुसा में 399 एक्यूआई दर्ज किया गया। नेहरू नगर में एक्यूआई 397 तक पहुँच गया है, जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है।
गाजियाबाद की स्थिति
गाजियाबाद में भी हालात बेहतर नहीं हैं। संजय नगर में एक्यूआई 312 और इंदिरापुरम में 282 रिकॉर्ड हुआ है। यह दर्शाता है कि गाजियाबाद भी प्रदूषण की चपेट में है।
मौसम की चुनौतियाँ
वायु प्रदूषण के साथ-साथ मौसम ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारतीय मौसम विभाग ने एनसीआर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। 15 जनवरी को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जबकि अधिकतम तापमान लगभग 22 डिग्री रहा। सुबह के समय घना कोहरा और दिन में भी कई क्षेत्रों में घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की चेतावनी दी गई है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवा, कम गति की हवाएं और कोहरा प्रदूषण को जमीन के पास रोक लेते हैं, जिससे एक्यूआई लगातार रेड जोन में बना हुआ है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को घर से बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और सुबह-शाम की सैर टालने की सलाह दी है।
