दिल्ली का नया बजट: शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
दिल्ली विधानसभा में बजट पेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में दिल्ली के लिए कुल 1,03,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण को प्राथमिकता दी गई है। इसे 'विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली' का बजट कहा गया है।
एमसीडी और जल बोर्ड को विशेष आवंटन
इस बजट में पहली बार एमसीडी को 11,666 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिससे उम्मीद है कि पानी की समस्या का समाधान होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल
बजट में शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाएं शामिल की गई हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली हर नौवीं कक्षा की छात्रा को साइकिल दी जाएगी, और दसवीं कक्षा के मेधावी छात्रों को लैपटॉप प्रदान करने की योजना है। इसके अलावा, 8,777 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने का भी प्रस्ताव है।
स्मार्ट क्लास प्रोजेक्ट के लिए 150 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है, जो देश के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह रेखा गुप्ता सरकार का प्रधानमंत्री के '4-एस' विजन (स्पीड, स्किल, स्ट्रेंथ, स्केल) को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत प्रयास माना जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर ध्यान
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को 5,921 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सड़कों को धूल मुक्त करने और सड़क नेटवर्क में सुधार के लिए 1,392 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बारापुला कॉरिडोर के लिए 210 करोड़ रुपये और 52,000 किलोमीटर बिजली की तारों को भूमिगत करने के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
यमुना पार के पहले चरण के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये का विशेष फंड भी रखा गया है। सीएम गुप्ता ने बताया कि पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर केवल 6-7 हजार करोड़ रुपये खर्च होते थे, जो अब बढ़कर 28 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर फोकस
स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए निर्माणाधीन अस्पतालों के लिए 515 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके अलावा, दमकल विभाग के लिए सुरक्षा के मद्देनजर 674 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम गुप्ता ने सदन में बताया कि दिल्ली अब प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। सरकार का दावा है कि इस बजट से दिल्ली और भी बेहतर बनेगी।
