दिल्ली के मेयर ऑफिस को मिली बम से उड़ाने की धमकी
दिल्ली के मेयर ऑफिस पर बम धमकी
देशभर के एयरपोर्ट और शैक्षणिक संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला जारी है। हाल ही में, दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह के कार्यालय को भी इसी तरह की धमकी मिली है। यह संदेश मेयर के आधिकारिक ईमेल पर भेजा गया था।
खालिस्तान नेशनल आर्मी द्वारा भेजे गए ईमेल में कहा गया है, "दिल्ली बनेगा खालिस्तान, मेयर ऑफिस में 2:11 मिनट पर बम विस्फोट किया जाएगा।" इसके साथ यह भी लिखा गया है कि "यह आत्मघाती हमला होगा। खालिस्तान सिखों के दुश्मन मोदी-शाह और जयशंकर।" धमकी की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीम ने तुरंत जांच शुरू कर दी। डॉग स्क्वायड ने कार्यालय के हर कोने की तलाशी ली, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। तीन साल पहले दिल्ली के जहांगीरपुरी में मस्जिद डेमोलिशन विवाद के बाद मेयर को पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं।
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर को भी मिली धमकी
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को 24 मार्च को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ईमेल के जरिए भेजे गए संदेश में कहा गया था कि विधानसभा और पास के मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाया जाएगा। सबसे पहले विधानसभा के आधिकारिक ईमेल पर सुबह 7:28 बजे धमकी भरा मेल आया। इसके बाद स्पीकर के ईमेल पर 7:49 बजे एक और धमकी मिली। इन ईमेल में कई प्रमुख नाम शामिल थे, जैसे एलजी तरनजीत सिंह संधू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों की गहनता से जांच की गई। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक टीम ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में विस्तार से जांच की। सुरक्षा कारणों से विधानसभा की कार्यवाही को 11:30 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
स्कूलों को भी मिली धमकी
इससे पहले, 2 मार्च को दिल्ली के आर्मी पब्लिक स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और मीरा पब्लिक स्कूल जनकपुरी को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। सुबह 8 बजे के बाद स्कूलों के स्टाफ ने ईमेल देखा और तुरंत दमकल और पुलिस को सूचित किया। दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने मौके पर जांच की। इस तरह की धमकियां आम जनता और विशेष रूप से छात्रों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
