दिल्ली में 75 सरकारी सेवाएं अब सिर्फ 30 रुपये में, मुख्यमंत्री ने शुरू किया ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल
सरकारी सेवाओं की नई पहल
सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति, दिल्ली में 75 सरकारी सेवाएं अब सिर्फ 30 रुपये में, 7000 केंद्रों पर मिलेगी सुविधा
पारदर्शी सुशासन की ओर कदम, सीएम रेखा गुप्ता ने शुरू किया ई-डिस्ट्रिक्ट और सुरक्षित ईडब्ल्यूएस एडमिशन पोर्टल
सरकार और जनता के बीच की दूरी तकनीक से खत्म कर रहे हैं: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री का उद्घाटन समारोह
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को दिल्ली सचिवालय में कई महत्वपूर्ण आईटी परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल और मोबाइल ऐप, कॉमन सर्विस सेंटर डिजिटल सेवा पोर्टल के माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और ईडब्ल्यूएस/डीजी/सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन से प्रेरित होकर इन पहलों को शुरू किया गया है। इनका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को पारदर्शी, सुलभ और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तकनीक के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी को समाप्त कर रहे हैं। आज लॉन्च किए गए पोर्टल और ऐप्स केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं हैं, बल्कि ‘सुशासन’ और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
जनसुनवाई पोर्टल और मोबाइल ऐप
मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘सीएम जनसुनवाई पोर्टल व ऐप’ की जानकारी देते हुए बताया कि यह पोर्टल एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा। इस पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से जुड़ी शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। इसकी कार्यप्रणाली को सरल रखा गया है ताकि आम नागरिक बिना किसी तकनीकी परेशानी के अपनी बात कह सके।
पोर्टल की विशेषताएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने पाया कि नागरिकों के पास अपनी समस्याएं दर्ज करने के लिए मंच थे, लेकिन उनके समाधान की प्रभावी निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। शिकायतें एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर होती रहती थीं। इसी समस्या के समाधान के लिए जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप शुरू किया गया है। शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को चार माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं: ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप, कॉल सेंटर (1902) और मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से ऑफलाइन व्यवस्था।
हर शिकायत के लिए एक यूनिक रेफरेंस आईडी जारी की जाएगी और प्रक्रिया के हर चरण पर एसएमएस के माध्यम से अपडेट दिया जाएगा। नागरिकों को रिमाइंडर भेजने और पूर्व में की गई शिकायतों को नई शिकायत से लिंक करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यदि समाधान से संबंधित फीडबैक नकारात्मक मिलता है, तो मामला उच्च स्तर पर एस्केलेट हो जाएगा।
ईडब्ल्यूएस/डीजी/सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा में पारदर्शिता और समय पर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), वंचित समूह (डीजी), विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणी के दाखिलों के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। यह नया, सुरक्षित और क्लाउड आधारित सिस्टम लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब फर्जीवाड़ा और दोहराव रोकने के लिए आधार के माध्यम से पहचान सत्यापन और जन्म प्रमाणपत्र का डिजिटल वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था से पात्र बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का अधिकार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मिलेगा।
ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं
सीएससी डिजिटल सेवा पोर्टल के माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजिटल डिवाइड को कम करने और लोगों तक सरकारी सेवाएं आसान तरीके से पहुंचाने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। अब नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दिल्ली भर में चल रहे 7,000 से अधिक सक्रिय सीएससी केंद्रों के माध्यम से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सेवाएं मिल सकेंगी।
विकसित दिल्ली की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार दिल्ली सरकार की सभी संपत्तियों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए एसेट मैनेजमेंट पोर्टल बनाया गया है। अब जमीन और भवनों की असली स्थिति, उनकी उपलब्धता और कहीं अतिक्रमण तो नहीं है, यह सारी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर देखी जा सकती है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का पहला वर्ष पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन स्थापित करने के लिए समर्पित रहा है।
