दिल्ली में आग से 21 लोगों की मौत, पिता-पुत्र ने बचाई कई जिंदगियां
दिल्ली के मानवीय नगर में भीषण आग
बुधवार को दिल्ली के मानवीय नगर में एक होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। इस त्रासदी के बीच, रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान मंसूरी ने कई लोगों की जान बचाकर हीरो की भूमिका निभाई। ये दोनों मालवीय नगर के हौजरानी में एक गद्दे की दुकान चलाते हैं, जो उसी होटल के पास स्थित है जहां आग लगी थी। जब उन्होंने देखा कि लोग आग से बचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो वे तुरंत होटल की ओर दौड़ पड़े।
आग की भयावहता
धुएं ने पांच मंजिला इमारत को पूरी तरह से घेर लिया था, और लोग अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूद रहे थे। रियाजुद्दीन और अरमान ने बिना अपने नुकसान की चिंता किए अपनी दुकान से गद्दे निकालकर सड़क पर बिछा दिए। इन गद्दों की वजह से होटल की खिड़कियों से कूदने वाले लोगों को सुरक्षित ल landing मिली।
पिता-पुत्र की बहादुरी
कई गवाहों ने बताया कि होटल में फंसे लोगों की जान बचाने में पिता-पुत्र की भूमिका महत्वपूर्ण थी। रियाजुद्दीन ने कहा, 'जब मैंने देखा कि लोग बिल्डिंग से कूद रहे हैं, तो मैंने अपनी दुकान के गद्दे सड़क पर बिछा दिए, जिससे आठ लोगों की जान बचाई जा सकी। हमने शवों को ढंकने के लिए भी चादरें दीं। फायर ब्रिगेड समय पर पहुंची और हमने लगभग 20 लोगों की जान बचाई।'
नुकसान की परवाह नहीं की
दुकान के मालिक ने बताया कि जब उन्हें लगा कि लोग होटल के अंदर फंसे हुए हैं, तो उन्होंने अपने नुकसान की परवाह किए बिना गद्दे बिछा दिए ताकि कूदने वाले लोगों को कम चोट लगे। आग बुझने के बाद, उन्होंने शवों को ढंकने के लिए अपनी दुकान से चादरें भी दीं।
आग लगने का समय और स्थिति
फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में आग बुधवार सुबह 8:30 बजे लगी थी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, इमारत में प्रवेश और निकासी का केवल एक ही रास्ता था, और खिड़कियां भी बंद थीं। आग लगने के बाद, मुख्य दरवाजा सेंसर के कारण बंद हो गया था।
मौतों की संख्या और घायलों का इलाज
इस अग्निकांड में 21 लोगों की जान गई, जबकि 58 लोग अस्पताल में उपचाराधीन हैं। घायलों में 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि होटल बिना फायर एनओसी के चल रहा था और उसे केवल 6 कमरों की अनुमति थी, जबकि उसने 25 कमरे बना रखे थे, जिनमें से कुछ बेसमेंट में थे।
