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दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण: जनवरी में सबसे खराब स्थिति

दिल्ली में जनवरी 2023 में वायु प्रदूषण ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है, जहां लगातार तीन दिन तक हवा की गुणवत्ता 'सीवियर' श्रेणी में रही। प्रदूषण नियंत्रण आयोग ने GRAP-Stage IV लागू किया, लेकिन इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ। पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में AQI 470 के पार पहुंच गया है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव से कुछ राहत मिल सकती है।
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दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण: जनवरी में सबसे खराब स्थिति

दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इस समय गंभीर वायु प्रदूषण का सामना कर रही है। जनवरी के महीने में पिछले पांच वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि लगातार तीन दिन तक हवा की गुणवत्ता 'सीवियर' श्रेणी में रही। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रदूषण नियंत्रण आयोग को GRAP-Stage IV लागू करना पड़ा। इसके बावजूद, प्रदूषण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और जमीनी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


पिछले पांच वर्षों में जनवरी का सबसे खराब प्रदूषण

दिल्ली में शनिवार से सोमवार तक लगातार तीन दिन औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 या उससे अधिक दर्ज किया गया। सोमवार को शाम 4 बजे औसत AQI 410 रहा, जो रविवार के 440 से थोड़ा कम था। इससे पहले शनिवार को शाम 6 बजे ही AQI 400 पार कर गया था। यह स्थिति जनवरी 2021 में 14 से 16 जनवरी के बीच देखी गई थी।


GRAP-IV के बावजूद प्रदूषण का स्तर

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP स्टेज-IV लागू किया, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के 39 में से कम से कम 25 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा 'सीवियर' श्रेणी में रही, जो चिंता का विषय है।


कई क्षेत्रों में AQI 470 के पार

प्रदूषण के मामले में पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित रही। वजीरपुर में AQI 473 दर्ज किया गया, जबकि विवेक विहार में यह 472 तक पहुंच गया। आनंद विहार में स्थिति और भी गंभीर रही, जहां AQI 497 दर्ज हुआ। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि राजधानी के कई हिस्सों में सांस लेना भी स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुका है।


निगरानी और क्रियान्वयन में खामियां

CAQM और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की समीक्षा में प्रदूषण नियंत्रण उपायों के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां सामने आई हैं। निर्माण और विध्वंस स्थलों की जांच, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग और धूल नियंत्रण जैसे उपायों में 7 प्रतिशत से लेकर लगभग 100 प्रतिशत तक की कमी पाई गई। इसके अलावा, प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में भी भारी लापरवाही देखी गई है।


मौसम से राहत की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम कुछ राहत दे सकता है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, मंगलवार से AQI 'वेरी पुअर' स्तर पर आ सकता है। हालांकि, पूरे सप्ताह हवा 'पुअर' और 'वेरी पुअर' बनी रह सकती है। सोमवार को हल्का कोहरा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। 23 जनवरी के आसपास बारिश की संभावना है, जिससे प्रदूषकों के बिखरने में मदद मिल सकती है।