दिल्ली में ट्रैफिक नियमों में बदलाव: गलत दिशा में गाड़ी चलाने पर होगी आपराधिक कार्रवाई
नई दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का सख्त पालन
नई दिल्ली: दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने अपनी नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब केवल चालान जारी करने के बजाय, गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि गलत दिशा में गाड़ी चलाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। इसलिए अब ऐसे मामलों में FIR दर्ज की जा रही है।
गलत दिशा में गाड़ी चलाने के मामले
8 FIR दर्ज
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 2026 के पहले सप्ताह में गलत दिशा में गाड़ी चलाने के मामलों में कुल 8 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से दो मामले वसंत कुंज साउथ पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए, जबकि अन्य पुलिस क्षेत्रों जैसे दिल्ली कैंट, कापसहेड़ा, चाणक्यपुरी, किशनगढ़, तुगलक रोड और मंदिर मार्ग में एक-एक FIR दर्ज की गई।
दोषी चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
दोषी चालकों के खिलाफ कार्रवाई
इन मामलों में दोषी ड्राइवरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 281 के तहत कार्रवाई की गई है, जो सार्वजनिक सड़क पर लापरवाही से गाड़ी चलाने से संबंधित है। इसके अलावा, मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी केस दर्ज किए गए हैं।
इमरजेंसी सेवाओं पर प्रभाव
इमरजेंसी सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित
वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारी के अनुसार, गलत दिशा में गाड़ी चलाना अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनता है। ऐसे ड्राइवर न केवल अपनी जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि सामने से आने वाले वाहनों, पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए भी जानलेवा स्थिति पैदा करते हैं। कभी-कभी इससे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी सेवाओं की आवाजाही भी बाधित होती है।
पिछले साल के आंकड़े
साल 2025 में 3 लाख से अधिक चालान
आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ट्रैफिक पुलिस ने गलत दिशा में गाड़ी चलाने के लिए 305,838 चालान जारी किए थे। इसके बावजूद, इस तरह के मामलों में कमी नहीं आई। यही कारण है कि पुलिस ने अब FIR दर्ज करने का निर्णय लिया है, ताकि लोग कानून का पालन करने के लिए मजबूर हों।
पुलिस की पहल
पुलिस अधिकारी ने क्या बताया
ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त कमिश्नर सत्यवीर कटारा ने बताया कि गलत दिशा में गाड़ी चलाने को रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें सख्त चालान, स्पष्ट साइनबोर्ड, जागरूकता अभियान और ट्रैफिक समाधान के जरिए खतरनाक स्थितियों को रोकना शामिल है। इसके साथ ही, पुलिस सड़क पर लोगों में जागरूकता बढ़ा रही है, जिससे सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और हादसों की संख्या कम होगी.
