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दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा, 100 लोग फंसे

दिल्ली के महरौली में एक पांच मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हुआ है, जिसमें लगभग 100 लोग फंसे हुए हैं। बचाव कार्य जारी है और अब तक 15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इमारत के एक हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की है। हालांकि, बचाव कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।
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दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा, 100 लोग फंसे

दिल्ली में इमारत गिरने का मामला


करीब 100 लोग मलबे में फंसे, बचाव कार्य जारी, 15 को सुरक्षित निकाला गया


नई दिल्ली: महरौली थाना क्षेत्र में एक पांच मंजिला इमारत गिरने से एक बड़ा हादसा हुआ है। घटना के समय इमारत में लगभग 100 लोग मौजूद थे। इनमें से 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 85 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। फिलहाल, मलबे के नीचे कितने लोग हैं, इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।


प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में बचाव कार्य जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत गिरने के साथ ही आसपास जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। कुछ ही क्षणों में धूल और मलबे का गुबार चारों ओर फैल गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इमारत के एक हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था।


निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप

पुलिस उपायुक्त, दक्षिण जिला अनंत मित्तल ने बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। जिस पोर्टा केबिन पर मलबा गिरा है, वहां कैंटीन संचालित की जा रही थी। अब तक किसी की मृत्यु की सूचना नहीं है। घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने के लिए सैदुल्लाजाब से एम्स तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है।


इसके अलावा, यह भी बताया जा रहा है कि इमारत के निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आ रही है। जिस हिस्से में निर्माण चल रहा था, वहां सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध नहीं किए गए थे, जिससे इमारत के दूसरे हिस्से पर दबाव बढ़ गया और वह गिर गई।


बचाव कार्य पर सवाल उठाए गए

फंसे हुए पीड़ित के एक रिश्तेदार ने कहा कि पुलिस यहां मौजूद है, लेकिन हम अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी मांग रहे हैं। कोई जवाब नहीं मिल रहा। स्थानीय लोगों ने पुलिस से बेहतर तरीके से स्थिति को संभालने की अपील की। उन्होंने तीन लोगों को बचाया, जबकि पुलिस ने केवल दो को निकाला। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सभी के माता-पिता चिंतित हैं। अगर केंद्र में क्रेन और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो बाकी लोगों का क्या होगा? मौजूदा स्थिति बेहद खराब है और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल है।