दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति: हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीदें कम
दिल्ली में प्रदूषण की गंभीरता
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण और मौसम की स्थिति ने लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। GRAP-4 के प्रतिबंध हटने के बाद भी हवा की गुणवत्ता में कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं हुआ है। बुधवार की सुबह, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम में हल्का बदलाव आया है और ठंड की तीव्रता में कमी आई है, लेकिन प्रदूषण का स्तर अभी भी स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है।
31 क्षेत्रों में जहरीली हवा
केंद्रीय प्रदूषण निगरानी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया। अलिपुर, बवाना, जहांगीरपुरी, मुंडका, नेहरू नगर और विवेक विहार जैसे क्षेत्रों में हवा सांस लेने के लिए अनुपयुक्त हो गई है। कुछ स्थानों पर AQI 380 से 390 के बीच पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है और बुजुर्गों व बच्चों के लिए खतरा बढ़ाता है।
AQI स्तर का महत्व
वायु गुणवत्ता सूचकांक के पैमाने के अनुसार, 51 से 100 तक AQI संतोषजनक माना जाता है, जबकि 101 से 200 मध्यम श्रेणी में आता है। 201 से 300 तक का स्तर खराब होता है। 301 से 400 के बीच AQI बेहद खराब माना जाता है, और 400 से ऊपर की स्थिति गंभीर होती है। वर्तमान में, दिल्ली का औसत AQI 300 के पार है, जो स्वास्थ्य चेतावनी का संकेत है।
GRAP-4 के हटने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने मंगलवार को GRAP के चौथे चरण के प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया था। आयोग का कहना है कि हवा की गति बढ़ने और मौसम के अनुकूल होने से AQI में कुछ सुधार हुआ है। फिर भी, दिल्ली की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है। GRAP के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के नियम पूरे एनसीआर में लागू रहेंगे।
दिल्ली का मौसम
प्रदूषण के बीच मौसम ने थोड़ी राहत दी है। बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। IMD ने किसी बड़े मौसम अलर्ट की चेतावनी नहीं दी है। सुबह और देर रात हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है।
भविष्य में राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, 23 जनवरी के आसपास तापमान में 2 से 3 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है। इस दौरान हल्की बारिश या बूंदाबांदी और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चलने की संभावना है। इससे प्रदूषण में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन बादल छाए रहने से स्थिति पूरी तरह साफ होने में समय लग सकता है।
