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दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर, एक्यूआई में वृद्धि

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है, जहां शनिवार को औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 276 दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी स्थिति बिगड़ रही है। जानें कि क्यों प्रदूषण में कमी नहीं आ रही और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
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दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर, एक्यूआई में वृद्धि

दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गिरावट

नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। शनिवार को राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 276 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। शुक्रवार को यह आंकड़ा 236 था, जिससे यह स्पष्ट है कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि कोहरा प्रदूषकों को जमीन के निकट ही फंसा देगा, जिससे हवा की गुणवत्ता और भी खराब हो सकती है।


एनसीआर में भी प्रदूषण की स्थिति

दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी प्रदूषण की स्थिति बिगड़ रही है। नोएडा का एक्यूआई 242 रिकॉर्ड किया गया, जो एक दिन पहले 229 था। गुरुग्राम में भी स्थिति खराब हुई है, जहां एक्यूआई 244 तक पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को यह 178 था। आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार से पूरे दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण में और वृद्धि की संभावना है।


आईएमडी की चेतावनी

आईएमडी ने क्या बताया?

आईएमडी के अनुसार, रात और सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा और कुछ स्थानों पर घना कोहरा भी छा सकता है। कोहरे के कारण दृश्यता कम हो जाती है और प्रदूषक वातावरण में फैल नहीं पाते हैं। सात दिन के पूर्वानुमान में दिन के समय आसमान साफ रहने की संभावना जताई गई है, लेकिन सुबह का कोहरा लगातार बना रहेगा।


प्रदूषण में कमी क्यों नहीं आ रही?

क्यों नहीं घट रहा प्रदूषण?

मौसम से जुड़े कई कारण प्रदूषण को कम करने में बाधा डाल रहे हैं। हवाएं बेहद धीमी हैं, जिनकी गति 15 किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। रात में यह गति 5 किलोमीटर प्रति घंटे से भी नीचे चली जाती है। मिक्सिंग हाइट भी घटकर एक हजार मीटर के करीब रहने की संभावना है, जिससे प्रदूषक ऊपर नहीं जा पा रहे हैं।


प्रदूषण के स्रोत

क्या है प्रदूषण का कारण?

रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के लगभग 65 प्रतिशत प्रदूषण का स्रोत शहर के बाहर है, जिसमें एनसीआर के अन्य जिले और पड़ोसी राज्य शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर वाहनों से निकलने वाला धुआं सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल दिल्ली पर केंद्रित उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे एयरशेड स्तर पर कार्रवाई आवश्यक है।