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दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति: सुधार की उम्मीदें कम

दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां हालात 'खराब' श्रेणी में हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, चांदनी चौक सबसे प्रदूषित क्षेत्र है, जबकि अन्य इलाकों में भी स्थिति गंभीर है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसमी और स्थानीय कारणों के चलते राहत की उम्मीद कम है। अगले कुछ दिनों में AQI 'खराब' से 'बहुत खराब' के बीच बना रह सकता है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति: सुधार की उम्मीदें कम

दिल्ली में वायु गुणवत्ता पर असर


नई दिल्ली: दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर से लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को वायु गुणवत्ता में थोड़ी राहत मिली, लेकिन हवा का स्तर अब भी 'खराब' श्रेणी में बना हुआ है। केंद्रीय एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में AQI में उतार-चढ़ाव देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसमी और स्थानीय कारणों के चलते राहत की उम्मीद कम है।


दिल्ली की हवा में मामूली सुधार

सोमवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 244 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले, रविवार को AQI 300 के पार चला गया था, जिससे स्थिति 'बहुत खराब' हो गई थी। मंगलवार की सुबह औसत AQI 256 रहा, जो यह दर्शाता है कि सुधार सीमित है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण अब भी सांस लेने में कठिनाई पैदा कर रहे हैं।


चांदनी चौक सबसे प्रदूषित क्षेत्र

दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण की स्थिति अधिक गंभीर है। चांदनी चौक में AQI 321 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। मंगलवार की सुबह यहां प्रदूषण का स्तर 334 तक पहुंच गया था। इसके अलावा, राजधानी के चार मॉनिटरिंग केंद्रों पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


AQI की स्थिति के अनुसार क्षेत्र

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 'समीर' ऐप के अनुसार, दिल्ली के 25 क्षेत्रों में हवा 'खराब' श्रेणी में रही, जबकि 9 क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' दर्ज की गई। यह आंकड़े बताते हैं कि पूरे शहर में प्रदूषण समान रूप से फैला हुआ है। सुबह और शाम के समय स्थिति अधिक बिगड़ जाती है, जब दृश्यता भी कम हो जाती है।


प्रदूषण के मुख्य कारण

डिसीजन सपोर्ट सिस्टम की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की जहरीली हवा के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। वाहन उत्सर्जन का योगदान 13.7 प्रतिशत, आसपास के उद्योगों का 11.4 प्रतिशत और घरेलू धुएं का 3.3 प्रतिशत रहा। इसके अलावा, निर्माण कार्य और कचरा जलाने का भी प्रभाव पड़ा है। ये सभी कारण मिलकर हवा की गुणवत्ता को लगातार बिगाड़ रहे हैं।


एनसीआर और भविष्य का पूर्वानुमान

दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर जिलों का भी प्रदूषण में बड़ा योगदान है। झज्जर, सोनीपत, रोहतक और मेरठ से आने वाली प्रदूषित हवा स्थिति को और खराब कर रही है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, अगले छह दिनों तक AQI 'खराब' से 'बहुत खराब' के बीच बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।