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दिल्ली में सर्दी और प्रदूषण का बढ़ता संकट

दिल्ली में सर्दियों के मौसम के साथ प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक हो गई है। कोहरे और धीमी हवा के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवा की गति कम रही, तो प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। जानें किन क्षेत्रों में स्थिति सबसे खराब है और स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव के बारे में।
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दिल्ली में सर्दी और प्रदूषण का बढ़ता संकट

दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति

नई दिल्ली: दिल्ली में सर्दियों के मौसम के साथ-साथ प्रदूषण ने लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। कोहरे और धीमी हवा के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं। मंगलवार को, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। कई क्षेत्रों में सांस लेना भी कठिन हो रहा है। मौजूदा मौसम और हवा की स्थिति को देखते हुए राहत की कोई उम्मीद नहीं है।


कोहरे और मंद हवा का प्रभाव

दिल्ली में मंगलवार की सुबह से ही कोहरे का प्रभाव देखा गया। इसके साथ ही हवा की गति भी बहुत धीमी रही, जिससे प्रदूषक कणों का जमाव बढ़ता गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शहर का औसत AQI 360 दर्ज किया गया, जो कि 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। यह स्तर संवेदनशील व्यक्तियों के साथ-साथ सामान्य नागरिकों के लिए भी स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ा सकता है।


एक दिन में AQI में वृद्धि

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का AQI 297 था, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। मात्र 24 घंटे में इसमें 63 अंकों की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का परिणाम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवा की गति इसी तरह कम रही, तो प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।


पीएम 2.5 और पीएम 10 का बढ़ता स्तर

दिल्ली की हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 336 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 201.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। ये दोनों मानक सुरक्षित सीमा से लगभग तीन गुना अधिक हैं। इतनी अधिक मात्रा में सूक्ष्म कण फेफड़ों और हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।


सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाले क्षेत्र

मंगलवार को दिल्ली के पांच क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई। आनंद विहार में AQI 436, द्वारका में 426, जहांगीरपुरी में 407, नेहरू नगर में 416 और रोहिणी में 406 रिकॉर्ड किया गया। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बाहर जाने से बचने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


भविष्यवाणी के अनुसार क्या होगा?

वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली के अनुसार, अगले दो दिनों तक हवा की गति आमतौर पर 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने की संभावना है। ठंड के कारण प्रदूषण के स्रोतों में कोई खास कमी नहीं आने वाली है। ऐसे में दिल्ली की हवा अगले कुछ दिनों तक 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है। लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी एहतियात बरतने की आवश्यकता है।