दिल्ली मेट्रो के विस्तार से बढ़ेगी कनेक्टिविटी, नई सुविधाएं मिलेंगी यात्रियों को
दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क का नया विस्तार
दिल्ली. राजधानी दिल्ली और एनसीआर में यात्रा करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। दिल्ली सरकार ने मेट्रो नेटवर्क को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के तहत प्रस्तावित ग्रीन लाइन के विस्तार को अपनी वित्तीय स्वीकृति दे दी है। इस निर्णय से न केवल दिल्ली के निवासियों को, बल्कि हरियाणा के बहादुरगढ़ और रोहतक क्षेत्र से आने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को भी लाभ होगा।
इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक नई मेट्रो लाइन
इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक बिछेगी नई लाइन
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्रीन लाइन कॉरिडोर को इंद्रलोक स्टेशन से आगे बढ़ाकर इंद्रप्रस्थ तक ले जाया जाएगा। पहले यह लाइन बहादुरगढ़ से इंद्रलोक या कीर्ति नगर पर समाप्त होती थी, लेकिन अब इस विस्तार के बाद पश्चिमी दिल्ली और हरियाणा की कनेक्टिविटी सीधे मध्य दिल्ली और पुरानी दिल्ली से हो जाएगी।
नई लाइन की विशेषताएँ
इस रूट की खास बातें:
कुल लंबाई: यह नया कॉरिडोर लगभग 12 किलोमीटर लंबा होगा।
स्टेशन: इस रूट पर कुल 10 नए स्टेशन बनाए जाएंगे।
बनावट: इसमें से 1 स्टेशन एलिवेटेड होगा जबकि बाकी 9 स्टेशन जमीन के नीचे यानी अंडरग्राउंड बनाए जाएंगे।
नई दिल्ली स्टेशन का महत्व
नई दिल्ली स्टेशन बनेगा ट्रिपल इंटरचेंज हब
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बनने वाला इंटरचेंज है। इस विस्तार के साथ नई दिल्ली स्टेशन 'ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन' बन जाएगा, जहां तीन अलग-अलग मेट्रो लाइनें मिलेंगी।
इसका सीधा लाभ यह होगा कि बहादुरगढ़ और पश्चिमी दिल्ली से आने वाले यात्री नई दिल्ली स्टेशन पर उतरकर तुरंत एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पकड़ सकेंगे, जिससे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने का समय कम होगा।
आईटीओ और सचिवालय की यात्रा में आसानी
आईटीओ और सचिवालय पहुंचना होगा आसान
अब तक बहादुरगढ़ से आने वाले लोगों को आईटीओ या दिल्ली सचिवालय जाने के लिए मंडी हाउस या कश्मीरी गेट होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। लेकिन इंद्रप्रस्थ तक लाइन बढ़ने से यह दूरी कम हो जाएगी। यात्री सीधे मेट्रो में बैठकर दिल्ली के प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्रों तक पहुंच सकेंगे।
परिवहन में सुधार और प्रदूषण में कमी
ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति
शहरी परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि यह रूट दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों को कवर करेगा। पुरानी दिल्ली और सदर बाजार जैसे क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ने से लोग अपनी निजी गाड़ियों की जगह मेट्रो का उपयोग करना पसंद करेंगे। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट दिल्ली एनसीआर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
