दिल्ली विधानसभा में महिला आरक्षण पर विशेष सत्र का आयोजन
महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए बुलाया गया विशेष सत्र
नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संवैधानिक संशोधन बिल के अस्वीकृत होने के बाद, दिल्ली विधानसभा में इस विषय पर चर्चा के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया है। इस सत्र के दौरान, भाजपा ने विपक्ष पर महिलाओं के प्रति विश्वासघात का आरोप लगाया है।
भाजपा द्वारा शासित कई राज्यों ने भी इसी प्रकार के विशेष विधानसभा सत्र आयोजित किए हैं। इस कार्यवाही में विपक्ष के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव पेश किया जाएगा। भाजपा के विधायक काले बैंड पहनकर विधानसभा पहुंचे हैं।
काले बैंड पहनने का उद्देश्य
दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में भाजपा के विधायक काले बैंड पहनकर आए हैं। इस प्रतीकात्मक कदम के माध्यम से उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के अस्वीकृत होने के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त किया। सदन के नियम 280 के तहत, विधायक काले बैंड पहने हुए अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने का कार्य कर रहे हैं। इस विशेष सत्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर भी चर्चा की जाएगी।
भाजपा विधायक हरीश खुराना का बयान
भाजपा विधायक हरीश खुराना ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों को छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को रोककर विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को कम करने का प्रयास किया है। खुराना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य 2029 में संसदीय सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने के बाद महिलाओं को उनके अधिकार प्रदान करना था, लेकिन विपक्ष ने इस प्रक्रिया में बाधा डाली। उन्होंने कहा कि दिल्ली और देश की जनता इसे सहन नहीं करेगी।
खुराना के अनुसार, यह विशेष सत्र इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए बुलाया गया है, जिसमें एक निंदा प्रस्ताव पेश किया जाएगा और बाद में इसे पारित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा पूरे देश में महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम करना जारी रखेगी। दिल्ली सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं के आरक्षण पर चर्चा के लिए यह सत्र एक दिन का हो सकता है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
