देशभर में एटीएम में कैश की कमी, सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
नई दिल्ली में एटीएम कैश संकट
नई दिल्ली: यदि आप एटीएम से नकद निकालने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह एक चिंताजनक समाचार है। वर्तमान में, देश के एटीएम में कैश की गंभीर कमी हो रही है, जिससे आने वाले दिनों में एटीएम सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। 'कॉन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री' (CATMi) ने 'इंडियन बैंक्स एसोसिएशन' (IBA) को इस संकट के बारे में सूचित किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस समय एटीएम में कैश की भारी कमी है, जिससे बैंकों और एटीएम ऑपरेटरों की चिंता बढ़ गई है।
मार्च और अप्रैल में कैश की कमी
मार्च और अप्रैल में दिख रहा बड़ा संकट, मांग के मुकाबले आधा कैश ही मिला
एटीएम इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, मार्च और अप्रैल में सभी एटीएम के संचालन के लिए ₹94,000 करोड़ की आवश्यकता थी। लेकिन मार्च में केवल ₹61,000 करोड़ और अप्रैल में ₹54,000 करोड़ ही उपलब्ध हो सके। यह स्थिति दर्शाती है कि एटीएम के लिए कैश की भारी कमी हो रही है, जिसका प्रभाव आम जनता पर पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर असर
ग्रामीण और अर्द्धशहरी इलाकों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर, RBI तक पहुंचा मामला
CATMi ने IBA को पत्र लिखकर बताया कि कई राज्यों में बैंकों की शाखाएं भी एटीएम निकासी की समस्या का सामना कर रही हैं। ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में एटीएम अभी भी लोगों के लिए नकद निकालने का मुख्य साधन हैं, इसलिए वहां कैश की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। रिपोर्ट के अनुसार, इस समस्या की जानकारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के करेंसी डिपार्टमेंट को भी दी गई है।
ATM इंडस्ट्री की आर्थिक स्थिति
खर्च के दबाव और घटते ट्रांजैक्शन से दम तोड़ रही है ATM इंडस्ट्री
कैश की कमी की यह खबर ऐसे समय में आई है जब एटीएम इंडस्ट्री पहले से ही बढ़ते खर्चों और घटते ट्रांजैक्शन से जूझ रही है। इंटरचेंज फीस, जो कि ₹19 है, भी इस इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इसके अलावा, ईंधन की बढ़ती कीमतें और नए कानूनों के कारण कई राज्यों में वेतन में वृद्धि ने एटीएम संचालन की लागत को बढ़ा दिया है।
ट्रांजैक्शन में गिरावट
कैश सर्कुलेशन बढ़ने के बावजूद घट रहे हैं एटीएम ट्रांजैक्शन, जानें मुख्य वजह
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, मई में देशभर में 446.504 मिलियन एटीएम ट्रांजैक्शन हुए, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह संख्या 498.378 मिलियन थी। एटीएम से निकाले गए कैश की कुल राशि भी ₹2.64 ट्रिलियन से घटकर ₹2.5 ट्रिलियन हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रांजैक्शन में गिरावट के दो मुख्य कारण हैं: एक, फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट का खत्म होना और दूसरा, यूपीआई और डिजिटल पेमेंट की बढ़ती लोकप्रियता।
