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नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द, सीबीआई जांच शुरू

नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई है, जिससे 22.79 लाख छात्रों पर असर पड़ा है। एनटीए ने इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदारी स्वीकार की है और सीबीआई को जांच सौंप दी गई है। पेपर लीक की प्रक्रिया और इसके पीछे के तारों की जांच जारी है। जानें इस मामले में क्या हुआ और आगे की कार्रवाई क्या होगी।
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नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द, सीबीआई जांच शुरू

नीट यूजी परीक्षा रद्द होने का कारण

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की विफलता एक बार फिर उजागर हुई है। मेडिकल प्रवेश के लिए आयोजित नीट परीक्षा, जो तीन मई को हुई थी, पेपर लीक के विवाद के चलते रद्द कर दी गई है। शिक्षा मंत्रालय की स्वीकृति के बाद, एनटीए ने मंगलवार को नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की। यह तीसरी बार है जब पिछले तीन वर्षों में नीट यूजी का पेपर लीक हुआ है। 2024 में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, लेकिन उस समय परीक्षा को पूरी तरह से रद्द नहीं किया गया था.


छात्रों की संख्या और एनटीए की प्रतिक्रिया

इस बार, तीन मई को हुई परीक्षा में 22.79 लाख छात्रों ने भाग लिया था। पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों को रोकने में असफल एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा, 'हम इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीख का ऐलान छह से आठ दिन में किया जाएगा।' इस बीच, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है, जिसने पेपर लीक के संबंध में एफआईआर दर्ज की है.


पेपर लीक की प्रक्रिया

एनटीए के डीजी ने गड़बड़ी के लिए एजेंसी की जिम्मेदारी स्वीकार की है, लेकिन जब दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस मामले पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बिना कुछ कहे वहां से निकल गए। इस साल नीट का पेपर 'क्वेश्चन बैंक' के माध्यम से लीक हुआ, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के तीन सौ से अधिक सवाल शामिल थे। ये सभी सवाल एक ही हाथ की लिखावट में थे.


पेपर लीक की जांच

एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि पेपर कहां से लीक हुआ। जानकारी के अनुसार, यह मामला राजस्थान के सीकर से शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि केरल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने अपने दोस्त को यह पेपर भेजा, जिसने इसे सीकर के एक पीजी संचालक को दिया। इसके बाद यह प्रश्न बैंक अन्य छात्रों के बीच फैल गया। परीक्षा के बाद पता चला कि इनमें से डेढ़ सौ सवाल नीट के पेपर में शामिल थे.


गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

एनटीए ने बताया कि परीक्षा के चार दिन बाद, यानी सात मई को इस गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। यह मामला पहले राजस्थान और फिर उत्तराखंड से सामने आया। एनटीए ने जांच सीबीआई को सौंपने से पहले राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने इस मामले की जांच की, जिसमें 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.


पेपर लीक का दायरा

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कथित 'क्वेश्चन बैंक' कितने छात्रों तक पहुंचा, लेकिन यह संख्या काफी बड़ी हो सकती है। बताया जा रहा है कि जिन छात्रों को यह वॉट्सएप पर मिला, उनमें संदेश के साथ 'फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स' लिखा था, जो यह दर्शाता है कि इसे कई बार फॉरवर्ड किया गया। यह भी कहा जा रहा है कि पेपर लीक के तार केरल, राजस्थान और महाराष्ट्र से जुड़े हो सकते हैं। नासिक पुलिस ने भी नीट पेपर लीक मामले में एक युवक को हिरासत में लिया है.