नोएडा में बर्ड फ्लू के मामलों के बाद प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि के बाद सतर्कता
नोएडा समाचार: दिल्ली के चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू (एवियन इंफ्लुएंजा) के मामलों की पुष्टि के बाद, गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने जिले में सतर्कता को बढ़ा दिया है। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पशुपालन और वन विभाग को अलर्ट मोड में रखा गया है। जिले के सभी पोल्ट्री फार्म, वेटलैंड्स और पक्षी प्रवास स्थलों से नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।
पोल्ट्री फार्मों से नमूने एकत्रित
16 पोल्ट्री फार्मों से नमूने लिए गए हैं
अब तक जिले के 16 पोल्ट्री फार्मों से 226 नमूने एकत्रित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी नमूने में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सभी रिपोर्ट आना बाकी है, इसलिए विभाग ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दिल्ली से निकटता के कारण बढ़ी सतर्कता
नोएडा के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का बयान
नोएडा के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, डॉ. अरुण कुमार संचान ने बताया कि नोएडा की भौगोलिक स्थिति दिल्ली से सटी हुई है। यहां बड़ी संख्या में लोग दिल्ली से आते-जाते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इस कारण से सतर्कता और निगरानी को बढ़ा दिया गया है। सभी पशु चिकित्साधिकारियों और वन अधिकारियों को संक्रमण रोकने के प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
रामपुर में पहले ही हो चुकी है पुष्टि
रामपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि
यह ध्यान देने योग्य है कि 16 अगस्त को रामपुर के तीन पोल्ट्री फार्मों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने रामपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली और पीलीभीत जिलों की सीमाओं को एहतियातन सील कर दिया था।
बर्ड फ्लू से बचाव के लिए सुझाव
प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने आम लोगों और पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों को सलाह दी है कि वे बीमार या मृत पक्षियों को न छुएं। पोल्ट्री उत्पादों को पूरी तरह से पका कर ही खाएं। पक्षियों से दूरी बनाए रखें और पोल्ट्री फार्म और उसके आसपास की सफाई पर विशेष ध्यान दें। पोल्ट्री को खुले में न छोड़ें, बल्कि ढके हुए बाड़ों में रखें। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की यात्रा से बचें और किसी भी असामान्य मौत या लक्षण दिखने पर तुरंत पशुपालन विभाग को सूचित करें।