पंजाब के आम आदमी क्लीनिक: स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति
आम आदमी क्लीनिकों की सफलता
करोड़ों लोगों ने लिया लाभ
चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा स्थापित आम आदमी क्लीनिक ने स्वास्थ्य सेवा में असमानता को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वस्थ, सुखी और समृद्ध पंजाब के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस पहल को तेजी से आगे बढ़ाया है। इन क्लीनिकों के माध्यम से नागरिकों को बेहद कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं, जो कि देश-विदेश में सराही जा रही हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना, जो अक्टूबर 2025 में शुरू की गई, पंजाब की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य नीति मानी जाती है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर नागरिक को उसके निवास से 3-4 किलोमीटर के दायरे में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। आम आदमी क्लीनिक ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की दूरी को समाप्त कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में लगभग दो करोड़ लोग इन क्लीनिकों से लाभान्वित हो चुके हैं। पिछले दो वर्षों में इन क्लीनिकों के सफल संचालन ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के आर्थिक बोझ को कम किया है। आंकड़ों के अनुसार, एक आम आदमी क्लीनिक में प्रतिदिन औसतन 60-70 मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। पंजाब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं प्रदान कर रही है। प्रतिदिन लगभग 70,000 लोग इन क्लीनिकों में मुफ्त जांच, डॉक्टर परामर्श, इलाज और दवाएं प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार, लगभग तीन करोड़ लोग इन क्लीनिकों के माध्यम से बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं।
पिछले दो वर्षों में आम आदमी क्लीनिकों की सफलता ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के आर्थिक दबाव को कम किया है। इस मॉडल की सफलता अब केवल पंजाब तक सीमित नहीं है। नैरोबी में आयोजित ग्लोबल हेल्थ समिट में इसे 82 देशों के बीच दुनिया का सबसे उत्कृष्ट स्वास्थ्य मॉडल घोषित किया गया है। 40 से अधिक देशों ने इस मॉडल को अपनाने में रुचि दिखाई है। पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इन क्लीनिकों के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 268 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
