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पंजाब के किसानों के लिए राहत उपायों की घोषणा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की, जिसमें किसानों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की गई। इस बैठक में अनाज की लिफ्टिंग, उच्च ब्याज दरों, और आढ़तियों की मांगों पर चर्चा की गई। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के सभी पहलुओं के बारे में।
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पंजाब के किसानों के लिए राहत उपायों की घोषणा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात


चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने राज्य के किसानों और मंडियों के लिए कई महत्वपूर्ण राहत उपायों की घोषणा की। केंद्र ने पंजाब में 155 लाख मीट्रिक टन अनाज की लिफ्टिंग के लिए विशेष रेल गाड़ियों की व्यवस्था करने पर सहमति जताई, जिससे रबी मंडीकरण सीजन से पहले अनाज भंडारण की समस्या का समाधान होगा।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पंजाब में मौजूद संरचनात्मक समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया, जिसमें उच्च नकद ऋण ब्याज दरें, ग्रामीण विकास फंड के तहत लंबित 9,000 करोड़ रुपए, ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के लिए मुआवजा और आढ़तियों की मांगें शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने इन मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और समाधान के लिए सचिव स्तर की व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया।


बैठक की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा: “आज मैंने केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी जी के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।” उन्होंने बताया कि बैठक में पंजाब में पड़े 155 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल की लिफ्टिंग और आरडीएफ के तहत बकाया 9,000 करोड़ रुपए की अदायगी जैसे मुद्दे उठाए गए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि केंद्रीय मंत्री ने इन मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि राज्य के गोदामों में 180.88 लाख मीट्रिक टन अनाज पहले से ही भंडारित है, जबकि कुल भंडारण क्षमता लगभग 183 लाख मीट्रिक टन है।


उन्होंने कहा कि रबी मंडीकरण सीजन 2026-27 में 130-132 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की संभावना है। मुख्यमंत्री ने पिछले साल के 38 लाख मीट्रिक टन गेहूं के स्टॉक का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग 8.71 लाख मीट्रिक टन स्टॉक पहले से ही राज्य में पड़ा है।


मुख्यमंत्री ने गेहूं और चावल की धीमी उठाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार लगातार राज्य से अनाज की उठाई की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि हर महीने कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल की उठाई की जानी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से अपील की कि आढ़तियों के कमीशन को बढ़ाने पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि आढ़तियों का कमीशन वर्तमान दरों पर निर्धारित किया गया है, जिससे वे असंतुष्ट हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम द्वारा मंडी लेबर चार्ज का 30 प्रतिशत रोकने से आढ़तियों पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अपील की कि इस मुद्दे का समाधान किया जाए।


मुख्यमंत्री ने पंजाब की खाद्य खरीद प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराते हुए कहा कि केंद्र को समय पर हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।