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पंजाब में अनाज प्रबंधन पर केंद्र का सहयोग न मिलने का आरोप

पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार पर अनाज प्रबंधन में सहयोग न देने का आरोप लगाया है। मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि केंद्र ने राज्य को अकेला छोड़ दिया है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया है। अप्रैल और मई में अनाज की निकासी के लिए आवश्यक रेलगाड़ियों की कमी के कारण मंडियों में गेहूं की बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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पंजाब में अनाज प्रबंधन पर केंद्र का सहयोग न मिलने का आरोप

केंद्र सरकार पर आरोप


पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह फसल प्रबंधन में आवश्यक सहयोग नहीं दे रही है। खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब को अकेला छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों ने कठिन परिस्थितियों में मेहनत की है, लेकिन केंद्र का रवैया निराशाजनक है।


मुख्यमंत्री का प्रयास

कटारूचक्क ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मुद्दे को बार-बार केंद्र सरकार के सामने उठाया है। अप्रैल और मई 2026 के दौरान अनाज की निकासी के लिए 860 विशेष रेलगाड़ियों की मांग की गई थी, लेकिन भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने आवश्यक संख्या में रेलगाड़ियां उपलब्ध नहीं कराई। इससे मंडियों में गेहूं की बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।


रेलगाड़ियों की कमी

मंत्री ने कहा कि अप्रैल में केवल 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही मंडियों से उठाया गया। मई 2026 की शुरुआत से अब तक, केवल तीन से पांच विशेष रेलगाड़ियां प्रतिदिन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद, खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले विभाग ने खरीद सीजन को सुचारू बनाए रखा है। अब तक 121.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है, जिसमें से 120.89 लाख मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है।