पंजाब में आवारा कुत्तों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का आदेश: हटाए जाएंगे खतरनाक कुत्ते
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद, पंजाब सरकार ने सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने का अभियान शुरू किया है। अदालत ने उन कुत्तों को यूथनेशिया देने की अनुमति दी है, जो पागल हैं या गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, ताकि मानव जीवन को सुरक्षित रखा जा सके।
पंजाब में आवारा कुत्तों का सफाया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनकी सरकार भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को हटाने का कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद, खतरनाक और आक्रामक कुत्तों के खिलाफ कानूनी उपायों का उपयोग किया जाएगा, जिसमें यूथनेशिया भी शामिल है।
सरकार की योजना
सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पूरी तरह से लागू करेगी। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों को भीड़भाड़ वाले स्थानों से हटाया जाएगा ताकि बच्चे, बुजुर्ग और परिवार बिना किसी डर के सुरक्षित रह सकें। इसके साथ ही, सरकार डॉग शेल्टर्स की स्थापना करेगी, जहां इन कुत्तों की उचित देखभाल की जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीमार या पागल कुत्तों को यूथनेशिया देने का कार्य 'प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल्स एक्ट' और 'एबीसी नियमों' के तहत किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि सम्मान के साथ जीने का अधिकार, बिना किसी डर के स्वतंत्रता से घूमने के अधिकार को भी शामिल करता है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जब मानव सुरक्षा और जीवन की तुलना पशु कल्याण से की जाएगी, तो संवैधानिक संतुलन हमेशा मानव जीवन की रक्षा के पक्ष में होगा।
यह मामला पिछले साल जुलाई में उन समाचारों के बाद शुरू हुआ था, जिनमें बच्चों पर आवारा कुत्तों के हमलों और रेबीज के मामलों का उल्लेख था। इस निर्णय के बाद, भारत भी अमेरिका, जापान, रूस और तुर्की जैसे देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां खतरनाक या लाइलाज आवारा जानवरों को कानूनी रूप से इच्छामृत्यु देने का प्रावधान है।
