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पंजाब में कांग्रेस की बैठक में असंतोष की लहर, नेताओं के बीच बढ़ी तल्खी

पंजाब में हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने कांग्रेस पार्टी में असंतोष की लहर पैदा कर दी है। दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आए। प्रताप सिंह बाजवा ने केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की, जबकि राजा वड़िंग पर भी सीधा हमला किया गया। इस बैठक में राहुल गांधी की उपस्थिति ने स्थिति को और भी दिलचस्प बना दिया। क्या पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन होगा? जानें पूरी कहानी।
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पंजाब में कांग्रेस की बैठक में असंतोष की लहर, नेताओं के बीच बढ़ी तल्खी

कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन


नई दिल्ली: पंजाब में हाल ही में संपन्न स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष को और बढ़ा दिया है। इस स्थिति पर चर्चा करने के लिए दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। हालांकि इस बैठक का उद्देश्य भविष्य की चुनावी रणनीति तैयार करना बताया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, राज्य के प्रमुख नेताओं के बीच मतभेद और खींचतान खुलकर सामने आ गई।


बैठक में राहुल गांधी की उपस्थिति

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सरकारी आवास पर शुक्रवार को यह विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए। पंजाब कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में यह बैठक लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली। इसका मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक स्थिति को मजबूत करना था, लेकिन चर्चा के दौरान माहौल गरमाने लगा और नेताओं के बीच तनाव स्पष्ट हो गया।


प्रताप सिंह बाजवा की नाराजगी

सूत्रों के अनुसार, बैठक में सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने केंद्रीय नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आलाकमान केवल बैठकें कर रहा है, जबकि जमीनी हकीकत में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बाजवा ने इन चुनाव परिणामों को एक गंभीर चेतावनी बताते हुए बैठक से पहले ही वॉकआउट कर दिया।


राजा वड़िंग पर सीधा हमला

बैठक के दौरान एक वरिष्ठ नेता ने बिना नाम लिए पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि जो नेता अपने क्षेत्र में पार्टी को जीत नहीं दिला सका, वह पूरे पंजाब में कैसे जीत दिला सकता है। राजा वड़िंग के प्रभाव वाले क्षेत्र में कांग्रेस को 19 में से 18 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है।


चरणजीत सिंह चन्नी का उभरता कद

इसके विपरीत, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के क्षेत्र में कांग्रेस ने 13 में से 11 सीटों पर जीत हासिल की है। इस शानदार प्रदर्शन के बाद चन्नी का कद पार्टी में बढ़ गया है। अब प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की मांग तेज हो गई है। चर्चा है कि यदि राहुल गांधी सहमति देते हैं, तो चन्नी के अलावा सुखजिंदर रंधावा, विजय इंदर सिंगला और गुरजीत राणा भी रेस में शामिल हो सकते हैं।


भूपेश बघेल का डैमेज कंट्रोल

इस विवाद और हंगामे के बीच पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने मीडिया के सामने आकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी एकजुट है। बघेल ने कहा कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए अपने प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया, फिर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बहादुरी से उनका सामना किया।