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पंजाब में कुत्ते के काटने के मामलों के लिए नया समाधान: आम आदमी क्लीनिक में मुफ्त एंटी-रेबीज़ टीकाकरण

पंजाब में कुत्ते के काटने की समस्या को हल करने के लिए, सरकार ने आम आदमी क्लीनिकों में मुफ्त एंटी-रेबीज़ टीकाकरण की सुविधा शुरू की है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब परिवारों को विशेष लाभ होगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, यह कदम जन स्वास्थ्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब मरीजों को उपचार के लिए दूर-दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिलेगी।
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पंजाब में कुत्ते के काटने के मामलों के लिए नया समाधान: आम आदमी क्लीनिक में मुफ्त एंटी-रेबीज़ टीकाकरण

पंजाब में कुत्ते के काटने की समस्या


पंजाब में कुत्ते के काटने की घटनाएं लंबे समय से एक गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई हैं। हर साल लगभग तीन लाख लोग इस समस्या का सामना करते हैं। रेबीज़ एक ऐसी बीमारी है, जिसका समय पर उपचार न होने पर जानलेवा हो सकता है। पहले, एंटी-रेबीज़ टीका केवल 48 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध था, जिससे लोगों को दूर-दराज के अस्पतालों में जाने और घंटों इंतजार करने की मजबूरी होती थी, जिससे कई बार उनकी मजदूरी भी प्रभावित होती थी। इस कारण, कई लोग आवश्यक पांच खुराकों का टीकाकरण पूरा नहीं कर पाते थे.


सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, पंजाब सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान खोजा है। राज्य में पिछले तीन वर्षों में स्थापित 881 आम आदमी क्लीनिकों में अब एंटी-रेबीज़ टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे कुत्ते के काटने का उपचार अब लोगों को उनके निकटतम स्थान पर मिल रहा है.


स्वास्थ्य मंत्री की जानकारी

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को समय पर, सस्ता और विश्वसनीय उपचार प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि हर साल आने वाले लगभग तीन लाख मामलों को देखते हुए यह कदम अत्यंत आवश्यक था। आम आदमी क्लीनिकों में रेबीज़ टीका उपलब्ध कराकर सरकार ने जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है.


आम आदमी क्लीनिक की भूमिका

आम आदमी क्लीनिक पहले से ही पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। अब तक, यहां 4.6 करोड़ से अधिक ओपीडी मरीजों का इलाज किया जा चुका है और प्रतिदिन लगभग 70 हजार मरीजों को सेवाएं मिल रही हैं। अब इन क्लीनिकों में रेबीज़ का पूरा पांच डोज वाला टीकाकरण कोर्स मुफ्त में प्रदान किया जा रहा है.


उपचार में तेजी और राहत

पिछले चार महीनों में, हर महीने औसतन 1,500 कुत्ता काटने के पीड़ित आम आदमी क्लीनिकों में पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि मरीज के पहुंचते ही कुछ ही मिनटों में उपचार शुरू हो जाता है, जिससे रेबीज़ से मौत का खतरा काफी हद तक कम हो गया है.


ग्रामीण और गरीब परिवारों को लाभ

इस नई व्यवस्था से सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, दिहाड़ी मजदूरों, बच्चों और बुजुर्गों को हुआ है। अब उपचार न तो महंगा है और न ही जटिल। यह बदलाव दिखाता है कि मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं कैसे हजारों जिंदगियों को बचा सकती हैं और लोगों का सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में विश्वास फिर से स्थापित कर सकती हैं.