पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम
खेलों के विकास के लिए निवेश
पंजाब सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक निवेश कर रही है। गांवों में 3,000 से अधिक आधुनिक खेल मैदानों के निर्माण के लिए 1,100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, और जल्द ही 6,000 नए मैदानों का निर्माण शुरू होगा। सभी खेल मैदानों पर मुफ्त खेल किटें उपलब्ध कराई जाएंगी, साथ ही गांवों में 6,000 इंडोर जिम भी स्थापित किए जाएंगे ताकि लोगों में फिटनेस को बढ़ावा मिल सके।
खिलाड़ियों को सम्मान और पुरस्कार
ओलंपिक में पदक जीतने वाले पंजाबी हॉकी खिलाड़ियों को 1 करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। इसके अलावा, महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की विजेता टीम को 4.91 करोड़ रुपये से सम्मानित किया गया। पिछले चार वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है। खेलों के बजट में 2026-27 के लिए 1791 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है, जो 2023-24 में केवल 350 करोड़ रुपये था।
कोचों की संख्या में वृद्धि
कोचों की संख्या को 500 से बढ़ाकर 2458 किया गया है, जिसमें 324 नए कोचों की भर्ती की गई है। इनमें से 48 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेज़बानी
40 वर्षों के बाद, राज्य को जालंधर में राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप (अंडर-13) की मेज़बानी का अवसर मिला है। राज्य सरकार युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह नीति साबित कर रही है कि पंजाब अब खेलों को गौरव, रोजगार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ रहा है।
खिलाड़ियों की घर वापसी
पंजाब सरकार अब उन खिलाड़ियों को वापस लाने की योजना बना रही है, जो मूल रूप से पंजाब के हैं लेकिन अन्य राज्यों से खेलते हैं। उन्हें पंजाब के लिए खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
