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पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना से परिवारों को मिली आर्थिक सुरक्षा

पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इस योजना के तहत, पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹10 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं, जिससे उन्हें चिकित्सा आपात स्थितियों में राहत मिलती है। गुरतेज सिंह जैसे परिवारों ने इस योजना का लाभ उठाकर इलाज के खर्च से बचने में सफलता पाई है। जानें कैसे यह योजना लाखों परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण बन रही है।
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पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना से परिवारों को मिली आर्थिक सुरक्षा

मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ


दैनिक मजदूरी पर निर्भर परिवारों के लिए अस्पताल में कुछ दिनों का इलाज भी कई महीनों की कमाई को प्रभावित कर सकता है। पटियाला जिले के मंडोली गांव के मैकेनिक गुरतेज सिंह के लिए गंभीर बीमारी ने न केवल उनकी आय को रोक दिया, बल्कि इलाज के बढ़ते खर्च ने भी चिंता बढ़ा दी।


चमन अस्पताल, बहादुरगढ़ में भर्ती होने के कुछ ही दिनों में उनके परिवार को बेड चार्ज और दवाइयों पर लगभग ₹10,000 खर्च करने पड़े। डॉक्टरों ने बताया कि कुल इलाज का खर्च ₹80,000 से ₹90,000 तक पहुंच सकता है। परिवार की अनियमित आय को देखते हुए इतनी बड़ी राशि जुटाना उनके लिए आसान नहीं था।


परिवार के पास न तो कोई जमीन थी और न ही बचत, जिससे ब्याज पर उधार लेना लगभग तय लग रहा था। इसी दौरान, गुरतेज सिंह को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में जानकारी मिली और उन्हें स्वास्थ्य कार्ड बनवाने में मदद मिली। योजना में पंजीकरण के बाद, उन्हें अस्पताल में छह दिनों तक पूरा इलाज मिला और इसके लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ा, क्योंकि सभी खर्च योजना के तहत कवर किए गए।


स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनियमित आय वाले परिवार भी इलाज के खर्च की चिंता के बिना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें। बीमारी के समय आर्थिक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी चिकित्सा सुविधा।


गुरतेज सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता यह थी कि इलाज के लिए पैसे कैसे जुटाए जाएंगे। यदि यह कार्ड न होता, तो उन्हें उधार लेना पड़ता और कई महीनों तक आर्थिक दबाव झेलना पड़ता। इस योजना ने उनके परिवार को उस बोझ से बचा लिया। उन्होंने यह भी बताया कि इतनी बड़ी राशि का खर्च उनकी दोनों बेटियों की पढ़ाई और परिवार की आवश्यकताओं को प्रभावित कर सकता था।


प्रति पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹10 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर यह योजना यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति के कारण परिवारों को लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।


करीब 65 लाख परिवारों के लगभग 3 करोड़ लोगों को कवर करने के लक्ष्य के साथ, 800 से अधिक अस्पतालों में 2,300 से ज्यादा उपचार पैकेज उपलब्ध कराते हुए मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान कामकाजी परिवार कर्ज के बोझ में न फंसें।