पप्पू यादव का पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर विवादित बयान
पूर्णिया सांसद का तीखा बयान
पटना: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बारे में एक विवादास्पद टिप्पणी की है, जिसने राजनीतिक और धार्मिक समुदायों में नई चर्चाएँ शुरू कर दी हैं। मीडिया से बातचीत में, पप्पू यादव ने यह सवाल उठाया कि धीरेंद्र को कथावाचक क्यों कहा जा रहा है और उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग चोरों को कथावाचक बना रहे हैं और उनकी तुलना ओशो जैसे महान व्यक्तियों से कर रहे हैं।
सच्चे संतों की इज्जत की आवश्यकता
उन्होंने यह भी कहा कि देश में सच्चे संतों और बाबाओं का सम्मान होना चाहिए। प्रेमानंद बाबा का उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे संत समाज को एकजुट करते हैं और प्रेम का संदेश फैलाते हैं। लेकिन, जिनका सनातन धर्म से कोई संबंध नहीं है, उन्हें कथावाचक बनाकर आगे बढ़ाया जा रहा है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि ऐसे लोग केवल ढोंग फैला रहे हैं और धर्म को व्यवसाय में बदल दिया गया है।
पप्पू यादव के विचार
पप्पू यादव ने आगे क्या कहा?
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को ढोंगीवाद की नहीं, बल्कि कृष्णवाद, बुद्धवाद, गुरुनानक के विचारों और आंबेडकर के सिद्धांतों की आवश्यकता है। पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि जब देश को असली मूल्यों की जरूरत है, तो जनता को भ्रमित करने वाले चेहरों को क्यों आगे लाया जा रहा है। उनके इस बयान ने धार्मिक नेताओं और राजनीतिक दलों के बीच नई बहस को जन्म दिया है।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा था?
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हाल ही में उत्तर प्रदेश के बांदा में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में उन्होंने जातिवाद के खिलाफ बयान देते हुए कहा था कि देश को जातिवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हिंदू समाज जातियों में बंटा रहा, तो इसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ेगा।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म था, और अब पप्पू यादव के बयान ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा भविष्य में और तूल पकड़ सकता है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं।
