पश्चिम एशिया संकट: DGCA ने एयरलाइंस को खाड़ी हवाई क्षेत्र से बचने का निर्देश दिया
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का प्रभाव
पश्चिम एशिया संकट: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सभी एयरलाइंस को खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्रों से दूर रहने और सुरक्षा जोखिमों का आकलन करने के बाद आकस्मिक योजनाएं तैयार रखने का निर्देश दिया है। यह निर्णय यात्रियों और उड़ानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
एयर इंडिया को मिली अस्थायी छूट
एयर इंडिया को फ्लाइट ड्यूटी मानकों में अस्थायी छूट: इससे पहले, DGCA ने पश्चिम एशिया में तनाव के कारण एयर इंडिया को फ्लाइट ड्यूटी मानकों में अस्थायी छूट देने का निर्णय लिया था। ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के चलते एयर इंडिया को लंबे वैकल्पिक उड़ान मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे उड़ान का समय बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए DGCA ने एयर इंडिया को यह अस्थायी राहत प्रदान की है जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते।
सरकार का एयरलाइंस के साथ संवाद
सरकार ने कहा- लगातार एयरलाइंस के संपर्क में: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि सरकार पश्चिम एशिया क्षेत्र की यात्रा को सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र यूरोप और अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण हवाई मार्ग है और यहां से बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। नायडू ने कहा, 'हम एयरलाइंस के साथ लगातार संपर्क में हैं क्योंकि हमारी प्राथमिकता उनकी सेवाओं को सुचारु रखना है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा स्थिति चुनौतीपूर्ण है, कुछ हवाई अड्डे बंद हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस परिस्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
पश्चिम एशिया में युद्ध का संकट
पश्चिम एशिया में युद्ध का संकट गहराता जा रहा है: यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुआ, जिसके बाद अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच टकराव बढ़ गया। अमेरिका-इस्राइल के हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिससे पूरा खाड़ी क्षेत्र युद्ध की चपेट में आ गया है। इस युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित हो गया है, जिससे ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया है। ऊर्जा ठिकानों पर हमलों ने स्थिति को और भी चिंताजनक बना दिया है।
