पश्चिम बंगाल की अदालतों में बम धमकी से फैली दहशत
कोलकाता में बम धमकी का मामला
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई जब राज्य की छह प्रमुख अदालतों को एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी एक ई-मेल के माध्यम से भेजी गई, जिसमें कहा गया कि अदालत परिसरों में खतरनाक विस्फोटक रखे गए हैं। जैसे ही यह सूचना मिली, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और स्निफर डॉग्स तथा बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेजकर तलाशी अभियान शुरू किया। घंटों की मेहनत के बाद भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
ई-मेल में आरडीएक्स विस्फोट का दावा
जिन अदालतों को धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, उनमें कोलकाता का सिटी सिविल और सेशंस कोर्ट, बैंकशाल कोर्ट, हुगली का चिनसुराह कोर्ट, पश्चिम बर्दवान का आसनसोल और दुर्गापुर कोर्ट तथा मुर्शिदाबाद का बेरहामपुर कोर्ट शामिल हैं। ई-मेल में लिखा गया था कि अदालत परिसर में आरडीएक्स से बना आईईडी बम रखा गया है, जिसे दोपहर 12 बजे रिमोट कंट्रोल से उड़ा दिया जाएगा। इसके अलावा, यह भी कहा गया कि पांच से सात हथियारबंद माओवादी कोर्ट और जज के चेंबर में घुसकर धमाका करेंगे। धमकी मिलते ही पुलिस ने लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर अदालत परिसरों को खाली कराया और लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बीच धमकी
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि प्रारंभिक जांच में यह ई-मेल पूरी तरह से फर्जी प्रतीत हो रहा है। हालांकि, इसकी टाइमिंग बेहद संवेदनशील है। यह घटना उस समय हुई है जब सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चल रही वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस प्रक्रिया के लिए ओडिशा और झारखंड के न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की जा सकती है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य में लगभग 60 लाख विवादित दावों का निपटारा किया जाना है।
नबन्ना में प्रेस कॉन्फ्रेंस, साइबर सेल कर रही है जांच
अदालतों में मची इस हलचल के बीच राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे और कोलकाता पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने बताया कि सभी ई-मेल एक ही पैटर्न पर भेजे गए हैं और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं, पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर क्राइम विंग ई-मेल के स्रोत और इसके पीछे के आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। घटना के बाद सुरक्षा को कड़ा किया गया है।
