पाकिस्तान में तेल भंडार का दावा: ट्रंप के बयान पर विवाद

पाकिस्तान में तेल भंडार का विवाद
पाकिस्तान में तेल भंडार का दावा: हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में विशाल तेल भंडार होने का दावा किया, जो अब विवाद का विषय बन गया है। पाकिस्तान की सरकारी तेल और गैस कंपनी ने इस दावे को पूरी तरह से गलत बताते हुए कहा है कि देश में ऐसा कोई गुप्त तेल क्षेत्र नहीं है। ट्रंप ने जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान और अमेरिका मिलकर इस बड़े तेल भंडार का दोहन करेंगे, और यह भी संभव है कि भारत भविष्य में पाकिस्तान से तेल खरीदे। इस बयान ने पाकिस्तान और अमेरिका में हलचल मचा दी है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के साथ एक व्यापार समझौता किया है जिसमें कच्चे तेल के दोहन की साझेदारी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका एक तेल कंपनी का चयन करने की प्रक्रिया में है जो इस परियोजना का नेतृत्व करेगी, लेकिन पाकिस्तान की सरकारी तेल कंपनी ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप का दावा पूरी तरह से बेतुका है और पाकिस्तान में ऐसा कोई रहस्यमय तेल क्षेत्र नहीं है जो अरबों बैरल कच्चा तेल निकाल सके।
2015 की अमेरिकी EIA रिपोर्ट का संदर्भ
2015 की अमेरिकी EIA की रिपोर्ट की चर्चा
इस विवाद के बाद 2015 की अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) की एक रिपोर्ट फिर से चर्चा में आ गई। इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि पाकिस्तान के लोअर इंदुस बेसिन क्षेत्र में 9 अरब बैरल तक शेल ऑयल हो सकता है। यदि यह अनुमान सही होता, तो पाकिस्तान दुनिया के शीर्ष 10 स्थलीय तेल भंडार वाले देशों में शामिल हो सकता था, लेकिन परामर्श कंपनी रिस्टैड एनर्जी ने स्पष्ट किया कि यह रिपोर्ट केवल प्रारंभिक सिस्मिक डेटा पर आधारित थी, ठोस आंकड़ों पर नहीं। कंपनी के एशिया-प्रशांत तेल और शोध प्रमुख प्रतीक पांडे ने कहा कि पाकिस्तान में तेल और गैस की खोज और निकासी बहुत धीमी है और इन संभावित संसाधनों को व्यावसायिक रूप से उपयोगी बनने में अभी कई साल लगेंगे।
2019 में इमरान खान का दावा
2019 में पाकिस्तान का दावा
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने 2019 में दावा किया था कि अरब सागर में इटली की एनी और अमेरिकी कंपनी एक्सॉनमोबिल की खोज से पाकिस्तान को अगले 50 वर्षों तक तेल खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लेकिन उनके बयान के कुछ घंटे बाद ही खोज कर रही टीम ने परियोजना बंद करने की घोषणा कर दी क्योंकि वहां केवल पानी मिला था। दोनों कंपनियां बाद में पाकिस्तान से चली गईं।
ट्रंप के दावे को आधारहीन बताया गया
ट्रंप के दावे को बताया आधारहीन
अब पाकिस्तान की सरकारी कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप का दावा आधारहीन है और उन्हें पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से गुमराह किया गया है। इस पूरे विवाद ने पाकिस्तान की ऊर्जा स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।