पीएम किसान योजना में नए नियम: किसानों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव
नए नियमों का प्रभाव
पीएम किसान योजना का लाभ उठाने के लिए अब किसानों को अपनी कृषि भूमि की जमाबंदी और रसीद अपने नाम पर करवानी होगी। सरकार ने दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए मार्च 2026 तक का समय निर्धारित किया है।
केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देश
केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत नियमों को सख्त कर दिया है। पहले कई किसान ऐसे थे जिनके नाम पर कृषि भूमि के दस्तावेज नहीं थे, लेकिन वे योजना का लाभ ले रहे थे।
पुरानी व्यवस्था का अंत
अब से केवल वही किसान योजना का लाभ ले सकेंगे जिनके नाम पर भूमि के कागजात होंगे। यदि कोई किसान अपने पूर्वजों के नाम पर भूमि दिखाकर लाभ ले रहा है, तो उसे अब सतर्क रहना होगा।
क्यों उठाया गया यह कदम
कृषि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई लोग तकनीकी रूप से भूमि के मालिक नहीं हैं। इस निर्णय का उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना और प्रणाली में पारदर्शिता लाना है।
नए नियमों की प्रक्रिया
अब पीएम किसान योजना का पैसा केवल उन्हीं किसानों के बैंक खातों में जाएगा जिनके नाम पर जमाबंदी होगी। इसके लिए किसानों को अपने क्षेत्र के अंचल कार्यालय में संपर्क करना होगा।
मार्च 2026 तक का समय
सरकार ने किसानों को अपनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए मार्च 2026 तक का समय दिया है। इस समय सीमा के बाद, जिनके नाम पर लैंड रिकॉर्ड अपडेट नहीं होंगे, उन्हें योजना से बाहर कर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किसानों के लिए फायदेमंद होगा। जब भूमि किसान के नाम पर होगी, तो अन्य योजनाओं का लाभ लेना भी आसान हो जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: क्या पिता के नाम पर भूमि होने पर पीएम किसान का पैसा मिलेगा?
उत्तर: मार्च 2026 तक पैसा मिल सकता है, लेकिन उसके बाद भूमि की जमाबंदी आपके नाम पर होना अनिवार्य होगा।
प्रश्न: भूमि अपने नाम करवाने के लिए क्या करना होगा?
उत्तर: इसके लिए आपको अंचल कार्यालय में आवेदन देकर वंशावली के आधार पर भूमि का दाखिल खारिज करवाना होगा।
प्रश्न: अगर मार्च 2026 तक कागज नहीं बने तो क्या होगा?
उत्तर: यदि समय सीमा तक दस्तावेज अपडेट नहीं हुए, तो आपकी पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त आना बंद हो जाएगी।
