पीएम मोदी का लोकसभा में बयान: तेल-गैस संकट से बचने के लिए उठाए जा रहे कदम
पश्चिम एशिया में स्थिति गंभीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि सरकार का उद्देश्य देश में तेल और गैस संकट को टालना है। इसके लिए 27 देशों के बजाय अब 41 देशों से आयात किया जा रहा है। उन्होंने यह बयान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में दिया। पीएम ने बताया कि यह संकट अब तीन हफ्तों से अधिक समय से चल रहा है और पूरी दुनिया इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है।
भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता
पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय नागरिक निवास करते हैं। वहां रह रहे भारतीयों को सहायता पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने 247 हेल्पलाइन स्थापित की हैं। संकट के समय में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित लौट चुके हैं, जिनमें से कई ईरान से हैं।
आपात स्थिति के लिए तैयारियां
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास 65 लाख मीट्रिक टन का भंडार है और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है, लेकिन देश के पावर प्लांट में कोयले का पर्याप्त भंडार है।
भारत की कूटनीतिक भूमिका
भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है। पीएम ने कहा कि भारत इस युद्ध के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए एक रणनीति पर काम कर रहा है। एक विशेष समूह हर दिन मिलकर आयात-निर्यात में आने वाली समस्याओं का समाधान कर रहा है।
कांग्रेस का पीएम पर हमला
कांग्रेस ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया है कि वे पश्चिम एशिया संकट के समाधान के लिए ब्रिक्स+ समिट को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि मोदी अमेरिका और इजराइल को नाराज नहीं करना चाहते। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत को इस मंच का उपयोग करना चाहिए।
मोदी की कूटनीति पर सवाल
रमेश ने यह भी कहा कि मोदी केवल फोन कॉल के माध्यम से बात कर रहे हैं, जबकि समिट के जरिए ठोस निर्णय लेना अधिक प्रभावी हो सकता है।
