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पीएम मोदी की बचत अपील का असर: त्रिपुरा में आधे कर्मचारी ही कार्यालय आएंगे

प्रधानमंत्री मोदी की बचत की अपील का असर अब त्रिपुरा में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है, जहां सरकारी कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है। केवल 50% कर्मचारी कार्यालय आएंगे, जबकि अन्य वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी गाड़ियों की संख्या में कमी लाने के लिए कदम उठा रहे हैं। जानें इस विषय में और क्या हो रहा है।
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पीएम मोदी की बचत अपील का असर: त्रिपुरा में आधे कर्मचारी ही कार्यालय आएंगे

सीएम ने गाड़ियों की संख्या में की कमी


नई दिल्ली: पीएम मोदी की बचत की अपील का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। त्रिपुरा में ग्रुप सी और डी के केवल 50% सरकारी कर्मचारी कार्यालय आएंगे, जबकि अन्य कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। सभी विभागों को कर्मचारियों की साप्ताहिक ड्यूटी रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह नियम आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।


राज्य स्तर पर गाड़ियों की संख्या में कमी

पंजाब में गवर्नर कार्यालय के अधिकारी हर बुधवार को चार पहिया वाहन का उपयोग नहीं करेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी एक दिन बिना गाड़ी चलने का निर्णय लिया है। इसी तरह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सरकारी खर्चों को कम करने के लिए अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या 50% घटाने का निर्णय लिया है।


पीएम मोदी ने भी की गाड़ियों की संख्या में कमी

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार में भी वीवीआईपी काफिले में गाड़ियों की संख्या कम की गई है। पीएम मोदी ने बुधवार को केवल 2 गाड़ियों के साथ यात्रा की, जबकि आमतौर पर उनके काफिले में 12 से 15 गाड़ियां होती हैं।


हरियाणा के सीएम का अनोखा फैसला

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए अपने सरकारी काफिले में केवल सुरक्षा के लिए आवश्यक वाहनों को शामिल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी तय किया है कि वे हफ्ते में एक दिन बिना किसी गाड़ी का उपयोग करेंगे।


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