पीएम मोदी ने पोंगल समारोह में तमिल संस्कृति की महत्ता पर जोर दिया
प्रधानमंत्री मोदी का पोंगल उत्सव में शामिल होना
प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय राज्यमंत्री के घर जाकर मनाया पोंगल
पीएम मोदी ने बुधवार को केंद्रीय राज्यमंत्री एल मुरुगन के निवास पर आयोजित पोंगल समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा की और गाय को भोजन भी खिलाया। उन्होंने कहा कि पोंगल अब एक वैश्विक त्योहार बन चुका है, जो तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति के प्रति प्रेम को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पोंगल का त्योहार हमें प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन बनाए रखने का महत्व सिखाता है। यह हमारे लिए जमीन और सूरज के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अवसर है। मोदी ने तमिल संस्कृति को दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक बताया, जो इतिहास से सीख लेकर भविष्य की दिशा दिखाती है।
धरती की रक्षा हमारी जिम्मेदारी
धरती हमें जो देती है, उसकी रक्षा और सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने कहा कि पोंगल हमें यह सिखाता है कि कृतज्ञता केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें धरती की रक्षा और सम्मान करना चाहिए। पोंगल हमारे किसानों की मेहनत का जश्न मनाने का अवसर है। इसलिए, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी थाली भरी रहे, हमारी जेब भरी रहे और हमारी धरती सुरक्षित रहे।
तमिल संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों का अनुभव
तमिल संस्कृति से जुड़े कई कार्यक्रमों में भाग लेना सुखद अनुभव
पिछले एक वर्ष में, मुझे तमिल संस्कृति से संबंधित कई कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिला, जो बेहद सुखद अनुभव रहा। मैंने गंगईकोंड चोलपुरम के 1000 साल पुराने मंदिर में दर्शन किए और काशी तमिल संगमम में तमिल संस्कृति की जीवंत परंपराओं को देखा। रामेश्वरम में पंबन ब्रिज के उद्घाटन के दौरान मैंने तमिल विरासत की समृद्धि का अनुभव किया।
