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प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड दौरा: वैश्विक चुनौतियों पर चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए वैश्विक चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ, तो यह दशक मानवता के लिए संकट का समय बन सकता है। मोदी ने भारत-नीदरलैंड के संबंधों को कमल और ट्यूलिप के समान बताया और स्टार्टअप के महत्व पर भी जोर दिया। उनका यह दौरा कई देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
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प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड दौरा: वैश्विक चुनौतियों पर चिंता

प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड दौरा


एम्स्टर्डम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ, तो यह दशक पूरी मानवता के लिए संकट का समय बन सकता है। शनिवार को नीदरलैंड्स के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, पीएम ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत में बढ़ते मतदान प्रतिशत और चुनावों में महिलाओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया।


भारत-नीदरलैंड की मित्रता

पीएम मोदी ने भारत और नीदरलैंड के संबंधों को कमल और ट्यूलिप के समान बताया। उन्होंने कहा कि जब भी उन्होंने नीदरलैंड्स के नेताओं से बातचीत की, उन्होंने हमेशा भारतीय समुदाय की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ कई चीजें बदल गई हैं, लेकिन भारत की संस्कृति आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है।


वैश्विक चुनौतियों का सामना

प्रधानमंत्री ने अपनी स्पीच में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि यह दशक आपदाओं का दशक बन गया है। उन्होंने कहा कि आज मानवता कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है, जैसे कि कोरोना संकट, युद्ध और ऊर्जा संकट। यदि समय पर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कई दशकों की मेहनत बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया की एक बड़ी आबादी गरीबी के दलदल में फंस सकती है।


भारत का तेजी से बदलता चेहरा

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत तेजी से विकास कर रहा है। भारत ने चांद पर एक ऐसी जगह पहुंचकर इतिहास रचा है, जहां पहले कोई देश नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि तकनीकी और डिजिटल क्षेत्र में भारत नई पहचान बना रहा है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है।


दोनों देशों का सहयोग

पीएम मोदी ने कहा कि जैसे नीदरलैंड्स ट्यूलिप के लिए प्रसिद्ध है, वैसे ही भारत कमल के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि कमल और ट्यूलिप दोनों हमें एक महत्वपूर्ण सीख देते हैं। चाहे जड़ें पानी में हों या मिट्टी में, असली ताकत और सुंदरता अपनी जड़ों से ही मिलती है। भारत और नीदरलैंड के संबंध भी इसी तरह मजबूत हैं।


स्टार्टअप का बढ़ता महत्व

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप अब भारत के युवाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। 12 साल पहले देश में 500 से कम स्टार्टअप थे, जबकि अब यह संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है। 2014 में केवल 4 यूनिकॉर्न थे, जबकि अब 125 सक्रिय यूनिकॉर्न हैं। भारत में एक साल में 20 बिलियन से अधिक यूपीआई लेनदेन हुए हैं, जो कि वैश्विक लेनदेन का आधे से अधिक है।