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प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक: ईरान संकट और ईंधन आपूर्ति पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की, जिसमें मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और भारत में ईंधन आपूर्ति पर चर्चा की गई। सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि देश में 60 दिनों का ईंधन भंडार है और कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। बैठक में कोरोना के दौरान अपनाए गए 'टीम इंडिया' मॉडल पर जोर दिया गया, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करती हैं। हालांकि, चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। जानें इस बैठक के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक: ईरान संकट और ईंधन आपूर्ति पर चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल बैठक

नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण बैठक में मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और इसके भारत के विभिन्न राज्यों पर प्रभाव पर चर्चा की जा रही है।


भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार

60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है: सरकार
सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि देश में 60 दिनों का ईंधन भंडार उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी के बारे में अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। सरकार ने यह भी पुष्टि की है कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।


कोरोनाकाल का 'टीम इंडिया' मॉडल

कोरोना के समय की रणनीति पर जोर
पीएम मोदी ने कोरोना के दौरान 'टीम इंडिया' मॉडल के तहत काम किया था, जिसमें सभी राज्य सरकारें और केंद्र सरकार एकजुट होकर कार्य करती थीं। केंद्र की जिम्मेदारी थी कि सभी राज्यों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएं, जबकि राज्य सरकारें इनका सही वितरण सुनिश्चित करती थीं। अब इस मॉडल का उपयोग पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि ईरान युद्ध से उत्पन्न परिस्थितियों का सामना करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।


मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति

इस बैठक में उन पांच राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हैं, जहां चुनाव होने वाले हैं। पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री इस बैठक का हिस्सा नहीं हैं। बैठक का उद्देश्य ईरान युद्ध से उत्पन्न हालातों का प्रभावी ढंग से सामना करना है। पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण भारत में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें फैल गई हैं। हालांकि, सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।