बकरीद 2023: भारत में ईद-उल-अज़हा की तारीख तय, 28 मई को मनाई जाएगी
बकरीद की तारीख का संशय समाप्त
नई दिल्ली। इस वर्ष बकरीद की सही तारीख को लेकर देशभर में जो असमंजस था, वह अब समाप्त हो गया है। यह पवित्र त्योहार भारत के अधिकांश हिस्सों में कल, यानी 28 मई को पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के शाही इमाम और विभिन्न प्रमुख चांद समितियों ने जिल हिज्जा (Dhul Hijjah) का चाँद समय पर न दिखने के कारण यह आधिकारिक निर्णय लिया है।
चाँद के दीदार से बदली तारीख
इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के अनुसार, ईद-उल-अज़हा का त्योहार जिल हिज्जा महीने की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। पहले इसे 27 मई को मनाने की संभावना थी, लेकिन रविवार शाम को देश के अधिकांश हिस्सों में चाँद दिखाई नहीं दिया। इसके बाद धार्मिक संस्थाओं ने सर्वसम्मति से यह घोषणा की कि भारत के मुख्य भूभाग में बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी। वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में स्थानीय चाँद देखने की परंपराओं के अनुसार आज, 27 मई को ही ईद मनाई जा रही है।
सरकार और शेयर बाजार ने बदली छुट्टियाँ
चाँद समितियों की इस घोषणा के तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली और नई दिल्ली स्थित सभी केंद्रीय प्रशासनिक कार्यालयों के लिए छुट्टी की तारीख को 27 मई से बदलकर 28 मई कर दिया गया है।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात और तेलंगाना जैसे कई राज्यों ने भी अपने सार्वजनिक अवकाश के कैलेंडर में संशोधन किया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले से घोषित 26 और 27 मई की छुट्टियों को वापस लेते हुए अब केवल 28 मई को राजकीय अवकाश घोषित किया है। उत्तर प्रदेश में भी 27 और 28 मई दोनों दिन त्योहार के संबंध में छुट्टी देने की बात की गई है। इसके अतिरिक्त, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने भी 28 मई (गुरुवार) को शेयर बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है।
कुर्बानी का दौर जारी रहेगा
गुरुवार सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की जाएगी, जिसके बाद अगले तीन दिनों (28, 29 और 30 मई) तक सुन्नत-ए-इब्राहीमी के तहत कुर्बानी का सिलसिला जारी रहेगा। बकरीद का यह त्योहार पैगंबर इब्राहीम की खुदा के प्रति अटूट श्रद्धा और उनके महान बलिदान की याद में मनाया जाता है। इसके लिए प्रशासन ने सभी प्रमुख शहरों में सफाई और सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित किए हैं।
