बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमले: छह हत्याएं और एक गैंगरेप की घटना
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमले
ढाका। बांग्लादेश में हाल के 20 दिनों में छह हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। सोमवार को एक हिंदू पत्रकार राणा प्रताप की हत्या के बाद रात में एक हिंदू दुकानदार की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान शरत चक्रवर्ती मणि के रूप में हुई है, जो 40 वर्ष के थे। शरत चक्रवर्ती मणि पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में अपनी किराना दुकान चला रहे थे। अचानक अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला किया और मौके से फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल मणि को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पिछले महीने 19 दिसंबर को मणि ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर देश में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई थी और अपने इलाके को मौत की घाटी बताया था। माना जा रहा है कि उसके बाद से वे निशाने पर रहे होंगे।
इसी दिन, जेसोर जिले में एक हिंदू व्यक्ति की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मोनिरामपुर इलाके में एक आइस फैक्टरी के मालिक राणा प्रताप बैरागी, जो 'दैनिक बीडी खबर' नामक अखबार के संपादक भी थे, की हत्या मोटरसाइकिल पर आए हथियारबंद लोगों ने की। उन्हें सात गोलियां मारी गईं।
इस बीच, बांग्लादेश में तीन जनवरी को 44 वर्षीय एक हिंदू विधवा महिला के साथ गैंगरेप की घटना भी सामने आई है। आरोपियों ने रेप के बाद उसे पेड़ से बांधकर पीटा और उसके बाल काट दिए। यह घटना झेनाइदह जिले के कालीगंज इलाके में हुई। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है। हत्याओं का यह सिलसिला 18 दिसंबर से शुरू हुआ, जब दीप चंद्र दास की हत्या कर दी गई थी और उन्हें पेड़ पर लटका कर जला दिया गया था। इसके बाद अमृत मंडल, बिजेंद्र बिस्वास और खोकन दास की भी हत्या की गई।
