बारापूला फ्लाईओवर फेज 3 का निर्माण जून में होगा पूरा, यात्रा में होगी 40 मिनट की बचत
दिल्ली में बारापूला फ्लाईओवर का नया चरण
दिल्ली में बारापूला फ्लाईओवर के तीसरे चरण का निर्माण कार्य जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे नोएडा और पूर्वी दिल्ली से एम्स जाने वाले यात्रियों का सफर 40 मिनट से घटकर केवल 20 मिनट रह जाएगा।
निर्माण कार्य में तेजी
दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है। यदि आप पूर्वी दिल्ली, नोएडा या गाजियाबाद से दक्षिण दिल्ली या एम्स की यात्रा कर रहे हैं, तो आपका सफर अब और भी आसान होने वाला है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बारापूला एलिवेटेड कॉरिडोर के तीसरे चरण के निर्माण में तेजी लाई है। पहले पेड़ों की कटाई की अनुमति न मिलने के कारण कार्य रुका हुआ था, लेकिन अब यह फिर से गति पकड़ चुका है। विभाग का दावा है कि जून तक यह प्रोजेक्ट जनता को सौंप दिया जाएगा।
बाधाओं का समाधान और निर्माण की गति
मयूर विहार फेज 1 को सराय काले खां से जोड़ने वाले इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी बाधा पर्यावरण मंजूरी थी। अब जब पेड़ों को काटने और स्थानांतरित करने की अनुमति मिल गई है, तो निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
निर्माण एजेंसी ने हाल ही में 6 नए पिलर स्थापित किए हैं, और शेष 9 पिलरों का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही पिलर तैयार होंगे, स्लैब डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सफर में कमी और लाभ
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि दोनों तरफ लगभग 250 मीटर का निर्माण कार्य शेष है, जिसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इस फ्लाईओवर के चालू होने से सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में होगा। वर्तमान में, पूर्वी दिल्ली और नोएडा से आने वाले लोगों को एम्स या आईएनए पहुंचने के लिए डीएनडी फ्लाईवे या एनएच 9 का उपयोग करना पड़ता है।
पीक आवर्स में सराय काले खां और आश्रम के पास भारी जाम के कारण इस यात्रा में 40 से 50 मिनट लग जाते हैं। बारापूला फेज 3 के चालू होने के बाद, मयूर विहार से एम्स तक का सफर केवल 20 मिनट में पूरा होगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की भी बचत होगी।
सीधे लाभार्थी क्षेत्र
बारापूला का यह तीसरा चरण दिल्ली के ट्रैफिक प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
नोएडा और गाजियाबाद: यहां से दक्षिण दिल्ली जाने वाले हजारों यात्रियों को डीएनडी के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
पूर्वी दिल्ली: मयूर विहार और अक्षरधाम से आने वाले वाहन बिना किसी रेड लाइट के सीधे दक्षिण दिल्ली पहुंच सकेंगे।
सराय काले खां: यहां से गुजरने वाले रिंग रोड पर वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा।
परियोजना का इतिहास
बारापूला फ्लाईओवर परियोजना दिल्ली की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है। इसका पहला और दूसरा चरण, जो सराय काले खां से आईएनए मार्केट और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम तक जाता है, पहले से ही चालू है।
यह हिस्सा लगभग 9 किलोमीटर लंबा है। अब तीसरे चरण में मयूर विहार फेज 1 से सराय काले खां के बीच लगभग 3.5 किलोमीटर का हिस्सा जोड़ा जा रहा है, जिसका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
फिनिशिंग कार्य
विभाग केवल पिलर बनाने पर ही नहीं, बल्कि सड़क को अंतिम रूप देने पर भी काम कर रहा है। फ्लाईओवर के जिन हिस्सों का ढांचा तैयार हो चुका है, वहां सड़क निर्माण और कारपेटिंग का कार्य भी चल रहा है। इसके अलावा, साइनेज और लाइटिंग का काम भी अंतिम चरण में है ताकि जून में उद्घाटन के बाद तुरंत ट्रैफिक शुरू किया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: बारापूला फ्लाईओवर फेज 3 कब तक तैयार होगा?
उत्तर: पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, बारापूला फ्लाईओवर फेज 3 का निर्माण कार्य जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
प्रश्न: इस फ्लाईओवर से किन इलाकों को फायदा होगा?
उत्तर: इससे पूर्वी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मयूर विहार से दक्षिण दिल्ली और एम्स जाने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रश्न: मयूर विहार से एम्स जाने में अब कितना समय लगेगा?
उत्तर: इस परियोजना के पूरा होने के बाद, मयूर विहार फेज 1 से एम्स तक का सफर केवल 20 मिनट में पूरा होगा।
प्रश्न: अभी निर्माण कार्य की क्या स्थिति है?
उत्तर: पेड़ों की कटाई की मंजूरी मिलने के बाद 6 नए पिलर बन चुके हैं और 9 पर काम चल रहा है। लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
