Newzfatafatlogo

बिहार में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला रोजगार दिवस का आयोजन

बिहार में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को महिला रोजगार दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने इस दिन को महिलाओं की आत्मनिर्भरता को समर्पित किया है। कार्यक्रमों में जीविका दीदियों और महिला उद्यमियों की भागीदारी होगी, जहां वे अपने अनुभव साझा करेंगी। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपने व्यवसाय शुरू कर सकेंगी। यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
 | 
बिहार में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला रोजगार दिवस का आयोजन

महिला रोजगार दिवस का महत्व


बिहार: इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, जो 8 मार्च को मनाया जाता है, को महिला रोजगार दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने इस दिन को महिलाओं की रोजगार और आत्मनिर्भरता को समर्पित करने का निर्णय लिया है। ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूरे राज्य में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें जीविका दीदियां और महिला उद्यमी बड़ी संख्या में भाग लेंगी। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।


महिला रोजगार योजना का विवरण

इस क्रम में, 2006 में विश्व बैंक की सहायता से जीविका कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जो स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को जोड़ता है। अब तक, राज्य में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मिलाकर 11 लाख 82 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह स्थापित हो चुके हैं। इन समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका से जुड़ी महिलाओं को पहले चरण में 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय या रोजगार शुरू कर सकें। अब तक कई चरणों में यह राशि लाखों महिलाओं के खातों में पहुंच चुकी है।


उदाहरण के लिए:- 26 सितंबर 2025: 75 लाख महिलाओं को 7,500 करोड़ रुपये


3 अक्टूबर 2025: 25 लाख को 2,500 करोड़


6 अक्टूबर 2025: 21 लाख को 2,100 करोड़


24 अक्टूबर 2025: 25 लाख को 2,500 करोड़


28 नवंबर 2025: 10 लाख को 1,000 करोड़


16 फरवरी 2026: 25 लाख को 2,500 करोड़


जिन महिलाओं ने इस राशि से सफलतापूर्वक रोजगार शुरू किया है, उनकी समीक्षा के बाद सरकार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक मदद प्रदान करेगी। इससे उनके व्यवसाय को और मजबूती मिलेगी। मंत्री ने कहा कि बिहार देश का एकमात्र राज्य है, जहां महात्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से आधी आबादी तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। 8 मार्च के कार्यक्रमों में महिला उद्यमियों द्वारा अपने अनुभव और सफलता की कहानियां साझा की जाएंगी।


कार्यक्रम की रूपरेखा

2 लाख रुपये तक की सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और शर्तों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ बेहतर रोजगार और व्यवसाय बढ़ाने के लिए उपयोगी टिप्स और सलाह देंगे। महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ उठाने के तरीके बताए जाएंगे।


ये कार्यक्रम सभी जिला मुख्यालयों पर रोजगार उत्सव के रूप में आयोजित किए जाएंगे। नालंदा जिले में मंत्री श्रवण कुमार स्वयं महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करेंगे। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार सरकार का यह प्रयास निश्चित रूप से लाखों परिवारों की स्थिति सुधारने में सहायक साबित होगा।