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बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 35 लाख परिवारों का वेरिफिकेशन

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 35 लाख परिवारों की पात्रता की जांच की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग ने अयोग्य पाए गए परिवारों का पुनः वेरिफिकेशन करने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया के बाद लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। जानें वेरिफिकेशन के दौरान क्या जांचा जाएगा और घर निर्माण की वर्तमान स्थिति क्या है।
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बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 35 लाख परिवारों का वेरिफिकेशन

बिहार में वेरिफिकेशन प्रक्रिया


पटना: प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बिहार में लगभग 35 लाख परिवारों की पात्रता की जांच की जाएगी। ये वे परिवार हैं जिन्हें डोर-टू-डोर जांच के बाद अयोग्य पाया गया था। ग्रामीण विकास विभाग ने इन परिवारों का पुनः वेरिफिकेशन करने का निर्णय लिया है। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी।


ग्रामीण विकास विभाग ने PM आवास योजना के सर्वे में 1 करोड़ 4 लाख परिवारों की पहचान की थी। पिछले दो महीनों में इन परिवारों का वेरिफिकेशन किया गया, जिसमें लगभग 35 लाख को अयोग्य घोषित किया गया है। शेष सभी परिवारों को योग्य माना गया है।


वेरिफिकेशन के दौरान की गई जांच

वेरिफिकेशन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि सर्वे में दी गई सभी जानकारी सही है या नहीं। यह भी देखा गया कि क्या पहचाने गए परिवार सभी मानदंडों को पूरा करते हैं। वेरिफिकेशन करने वाले कर्मचारियों को अब इन अयोग्य परिवारों की जांच के लिए नहीं रखा जाएगा। उन्हें विभिन्न पंचायतों में नए क्षेत्रों में वेरिफिकेशन के लिए तैनात किया जाएगा। वेरिफिकेशन के बाद, विभाग अंतिम लाभार्थियों की सूची तैयार करेगा।


अप्रूवल की आवश्यकता

इस अंतिम सूची को ग्राम सभा से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होगा। अनुमोदित सूची के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 से विभिन्न चरणों में परिवारों को दिया जाएगा। ये परिवार वे हैं जिनके पास पक्का घर नहीं है या जो कच्चे घर में निवास करते हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को तीन किस्तों में ₹120,000 दिए जाते हैं। ध्यान दें कि राज्य में इस योजना के तहत लाभ देने के लिए सर्वे 15 मई 2025 तक किया गया था।


घर निर्माण की स्थिति

पहले से तैयार सूची के आधार पर राज्य में PM आवास योजना के तहत 12 लाख 20 हजार परिवारों के लिए पक्के घरों का निर्माण किया जा रहा है। ये घर वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए स्वीकृत किए गए हैं। तीन लाख घरों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी का निर्माण कार्य जारी है।


भारत सरकार द्वारा पिछले सात महीनों से फंड न मिलने के कारण घरों के निर्माण की गति काफी धीमी हो गई है। इसके लिए केंद्र सरकार से तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की मांग की गई है।