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बीसीसीआई के चयन में घरेलू क्रिकेट के सितारों की अनदेखी

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट के लिए चयन में घरेलू क्रिकेट के कई सितारों को नजरअंदाज किया है। इस निर्णय ने क्रिकेट प्रेमियों और पूर्व खिलाड़ियों में निराशा पैदा की है। आकिब नबी और रविचंद्रन स्मरण जैसे खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम में स्थान नहीं मिला। क्या बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट के महत्व को समझेगी? जानिए इस लेख में।
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बीसीसीआई के चयन में घरेलू क्रिकेट के सितारों की अनदेखी

बीसीसीआई का घरेलू क्रिकेट पर जोर

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अक्सर यह बताता है कि राष्ट्रीय टीम में स्थान पाने के लिए खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करना आवश्यक है। घरेलू क्रिकेट में उत्कृष्टता ही खिलाड़ियों के लिए भारतीय टीम का दरवाजा खोलती है।


खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलने का निर्देश

बीसीसीआई ने भारतीय टीम के स्थापित खिलाड़ियों को भी अपने फुर्सत के समय में घरेलू क्रिकेट खेलने की सलाह दी है। इसी कारण पिछले रणजी सीजन में हमने रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों को अपनी घरेलू टीम के लिए खेलते देखा। लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए टीम की घोषणा के बाद बीसीसीआई के दावों की सच्चाई सामने आई है। चयन समिति ने रणजी ट्रॉफी (2025-26) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया है।


रणजी ट्रॉफी का महत्व

रणजी ट्रॉफी को भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता माना जाता है। इस प्रतियोगिता में अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भारतीय टीम के लिए उपयुक्त माना जाता है। हालांकि, अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट के लिए चयन में बीसीसीआई ने रणजी ट्रॉफी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को अनदेखा किया है, जो निराशाजनक है।


आकिब नबी का शानदार प्रदर्शन

रणजी ट्रॉफी (2025-26) में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने 10 मैचों में 60 विकेट लिए, जिसमें 7 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा शामिल है। उनके इस प्रदर्शन ने क्रिकेट प्रेमियों को चकित कर दिया।


अनदेखी का असर

आकिब नबी को अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया, जबकि पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी इस फैसले पर निराशा व्यक्त की।


रविचंद्रन स्मरण का योगदान

रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक के बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण ने सबसे ज्यादा रन बनाए, लेकिन उन्हें भी टीम में जगह नहीं मिली।


अभिमन्यु ईश्वरन की स्थिति

अभिमन्यु ईश्वरन, जो पिछले 13 वर्षों से घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं, को भी टीम में शामिल नहीं किया गया। उनके प्रदर्शन को नजरअंदाज करना कई सवाल उठाता है।


बीसीसीआई की प्राथमिकताएं

यदि बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज करती है और आईपीएल में प्रदर्शन करने वालों को प्राथमिकता देती है, तो इससे घरेलू क्रिकेट कमजोर होगा। इससे खिलाड़ियों में निराशा बढ़ेगी और देश को टेस्ट फॉर्मेट के लिए प्रतिभाएं नहीं मिल पाएंगी।